जयपुर स्कूल हादसे के बाद अलर्ट मोड में राज्य शिक्षा विभाग

स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ेगा फोकस, जरूरत पड़ने पर जारी होंगे दिशा-निर्देश
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कोलकाता : पिछले वर्ष जयपुर के एक निजी स्कूल की छात्रा अमायरा की कथित आत्महत्या से जुड़े घटनाक्रम के एक बार फिर सुर्खियों में आने के बाद पश्चिम बंगाल का स्कूल शिक्षा विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।

राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने सन्मार्ग से विशेष बातचीत में कहा कि यह घटना केवल दुखद या दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत संवेदनशील विषय है और इससे अधिक मानवीय एवं संवेदनशील तरीके से निपटने की आवश्यकता है।

दीपक बर्मन ने कहा, "इस घटना से हमें सीख लेनी होगी। राज्य के सभी स्कूलों की स्थिति पर विभाग लगातार नजर रखे हुए है। आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रहा है और जरूरत के अनुसार आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। मंत्री ने कहा, "हम कहीं भी एक और अमायरा जैसा हादसा नहीं चाहते। स्कूलों में पनप रही बुलिंग की संस्कृति पर हर हाल में रोक लगानी होगी। बच्चों की सुरक्षा, उनका मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

उल्लेखनीय है कि जयपुर के निजी स्कूल की छात्रा अमायरा की कथित आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना और संवेदनहीन रवैया अपनाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, स्कूलों में काउंसलिंग व्यवस्था, बुलिंग की रोकथाम और शैक्षणिक संस्थानों की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई।

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