

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : बांकुड़दह बांध पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक सराहनीय पर्यावरण अभियान अचानक विवाद और दुख में बदल गया। पर्यावरण जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'बांकुड़दह युवक समिति' और राज्य के खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान पालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत महोगनी, बेल, नीम, तगर और लंबू सहित सैकड़ों पौधे लगाए गए थे। कार्यक्रम में उद्यान पालन विभाग के उप निदेशक राहुल चक्रवर्ती, सहायक निदेशक अर्पिता कुंडू और अधिकारी मानस दास सहित कई स्थानीय प्रकृति प्रेमी शामिल हुए थे।
पर्यावरण प्रेमियों का गुस्सा: अचानक झुलस कर सूख गए पौधे
कार्यक्रम के महज दो दिन बाद जब स्थानीय निवासी इलाके का मुआयना करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। आरोप है कि किसी स्थानीय व्यक्ति ने जानबूझकर नव-रोपित पौधों पर जहर छिड़क दिया, जिससे बेल और नीम समेत कई पौधे रातों-रात झुलसकर सूख गए। इसके अलावा कई पौधों को उखाड़कर भी फेंक दिया गया था। इस अमानवीय कृत्य को देखकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
प्रकृति के प्रति इस क्रूर रवैये से आक्रोशित होकर स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले की शिकायत तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन और संबंधित विभाग में दर्ज करा दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस जघन्य अपराध के दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।