

कोलकाता : सन्मार्ग समूह ने मीडिया के क्षेत्र में एक और कदम बढ़ाते हुए तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड का 100 प्रतिशत अधिग्रहण पूरा कर लिया है। अक्टूबर 2026 में हुए इस सौदे के तहत कंपनी की प्रिंट, डिजिटल और बौद्धिक संपदा से जुड़ी सभी संपत्तियां सन्मार्ग समूह के पास आ गई हैं। इसके साथ ही समूह ने पत्रिका प्रकाशन के क्षेत्र में भी प्रवेश कर लिया है।
सन्मार्ग समूह का उद्देश्य तहलका की पुरानी पहचान और पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ाना है। इसके लिए समूह ने पत्रिका में नए निवेश की योजना बनाई है। साथ ही, प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में अच्छी और खोजी पत्रकारिता को बढ़ावा देने का फैसला किया है।
तहलका के स्वामित्व में पहले भी हुए बदलाव
सन्मार्ग समूह की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 के आसपास तहलका की तत्कालीन मालिक कंपनी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इसके नाम, बौद्धिक संपदा, कर्मचारियों और कामकाज से जुड़ी संपत्तियां तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दी थीं। उस समय अनंत मीडिया ने यह जिम्मेदारी ली थी कि पुराने मुकदमों और कानूनी मामलों को वही संभालेगा। कंपनी को यह भरोसा भी दिया गया था कि पुराने मामलों और देनदारियों का असर तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड पर नहीं पड़ेगा।
इस बदलाव के दौरान तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड की पुराने दस्तावेजों और सामग्री तक पहुंच भी खत्म हो गई। पुराने वीडियो, खबरों की प्रतियां और कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड उसके पास नहीं रहे।
इसके बाद वर्ष 2017 के आसपास निवेशकों के एक समूह ने तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड की पूरी हिस्सेदारी खरीद ली। सन्मार्ग समूह के अनुसार, इस दौरान तरुण तेजपाल और कुछ अन्य छोटे निवेशक कंपनी से बाहर हो गए। नए निवेशकों ने यह भी साफ किया कि तरुण तेजपाल का तहलका के कामकाज से कोई संबंध नहीं रहेगा। समूह की जानकारी के मुताबिक, इसके बाद कंपनी के खिलाफ कोई नया मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ।
तहलका को फिर मजबूत बनाने की योजना
सन्मार्ग समूह अब तहलका को नए रूप में आगे बढ़ाना चाहता है। समूह का कहना है कि वह इसकी पुरानी पहचान और सम्मान को फिर से स्थापित करने के लिए निवेश करेगा। प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में गंभीर खबरों और खोजी रिपोर्टों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
समूह ने यह भी कहा है कि प्रकाशन में सभी सरकारी नियमों और पत्रकारिता से जुड़े जरूरी मानकों का पालन किया जाएगा। उसका लक्ष्य पाठकों तक भरोसेमंद और अच्छी पत्रकारिता पहुंचाना है।
276 आजीवन ग्राहकों से किया वादा निभाएगा समूह
तहलका के 276 संस्थापक सदस्यों और आजीवन ग्राहकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी सन्मार्ग समूह ने महत्वपूर्ण बताया है। ये वे लोग हैं जिन्होंने तहलका की शुरुआत के समय उसका साथ दिया था और आजीवन सदस्यता ली थी।
समूह ने भरोसा दिया है कि इन सभी सदस्यों को उनकी सदस्यता के अनुसार पत्रिका की प्रतियां और डिजिटल संस्करण मिलता रहेगा। समूह का कहना है कि वह इन पाठकों से जुड़कर उनकी उम्मीदों को समझना चाहता है।
तहलका अब तक पाक्षिक पत्रिका के रूप में प्रकाशित होती रही है। सन्मार्ग समूह की योजना इसे साप्ताहिक बनाने की है, ताकि पाठकों तक हर सप्ताह नई खबरें और खोजी रिपोर्ट पहुंचाई जा सकें।
अरविंद चतुर्वेदी होंगे तहलका के मुख्य संपादक
तहलका के नए सफर की जिम्मेदारी श्री अरविंद चतुर्वेदी को सौंपी गई है। उन्हें पत्रिका का मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में तहलका के नए संपादकीय कामकाज और भविष्य की दिशा तय की जाएगी।
सन्मार्ग समूह का कहना है कि वह भारतीय पाठकों के साथ-साथ दुनिया भर में अच्छी पत्रकारिता पढ़ने वाले लोगों तक भी पहुंचना चाहता है। तहलका का अधिग्रहण समूह के लिए एक नई शुरुआत है। अब उसकी कोशिश पत्रिका की पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए उसे नए दौर में आगे बढ़ाने की होगी।