खुदीरामपुर में ग्रामीण सड़क 15 दिन में ही क्षतिग्रस्त, युवाओं ने जताई गंभीर चिंता

नवनिर्मित सड़क की हालत पर सवाल
खुदीरामपुर में ग्रामीण सड़क 15 दिन में ही क्षतिग्रस्त, युवाओं ने जताई गंभीर चिंता
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15 दिनों में ही सड़क हुई जर्जर

घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप

सन्मार्ग संवाददाता 

श्री विजयपुरम : उत्तर अंडमान के डिगलीपुर तहसील के अंतर्गत खुदीरामपुर गांव के वार्ड संख्या-01 स्थित नवज्योति संघ यूथ क्लब ने अपने गांव में हाल ही में निर्मित ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण सड़क संख्या DGRRR02018 का उन्नयन अंडमान लोक निर्माण विभाग द्वारा विशेष वित्तीय सहायता योजना के तहत किया गया था। “डिगलीपुर तहसील, उत्तर एवं मध्य अंडमान में ग्रामीण सड़क का उन्नयन (लंबाई: 10.10 किलोमीटर)” शीर्षक से इस परियोजना का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा गया था और इसे पूर्ण घोषित किया गया। हालांकि यूथ क्लब के सदस्यों का आरोप है कि सड़क निर्माण पूर्ण होने के महज पंद्रह दिनों के भीतर ही इसकी हालत बिगड़ने लगी है। सड़क की सतह टूटने लगी है और निर्माण सामग्री उखड़ती नजर आ रही है, जिससे घटिया सामग्री और कमजोर कार्य निष्पादन की आशंका जताई जा रही है। युवाओं ने कहा कि यह स्थिति इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि परियोजना में पांच वर्षों के रखरखाव का प्रावधान है, जिसके लिए लगभग 71,42,137 रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जबकि पूरे पैकेज की लागत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सड़क की मौजूदा हालत ने कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूथ क्लब के अनुसार, सड़क की नाजुक स्थिति को देखते हुए यह नियमित वाहनों का दबाव दो महीने भी नहीं झेल पाएगी।

क्षेत्र की कठोर मौसम परिस्थितियाँ इसके क्षरण को और तेज कर देंगी, जिससे एक वर्ष के भीतर सड़क के अनुपयोगी हो जाने की आशंका है। इससे खुदीरामपुर के उन निवासियों में गहरा रोष है, जो दैनिक आवागमन और आवश्यक सेवाओं के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं। इस बीच, नवज्योति संघ यूथ क्लब, खुदीरामपुर ने कथित तौर पर मुख्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन, श्री विजयापुरम को पत्र लिखकर सड़क की स्थिति से अवगत कराया है, जिसमें फोटो और वीडियो भी संलग्न किए गए हैं। पत्र में इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और सक्षम तकनीकी टीम से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही ठेकेदार को घटिया कार्य के लिए जवाबदेह ठहराते हुए आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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