बांग्लादेशी घुसपैठियों की फर्जी पहचान पत्र में दिल्ली के होटल मालिक की भूमिका बेनकाब

फ्लोरिश स्टे के मालिक लवकेश बजाज पर पहले भी गंभीर आरोप; बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय दस्तावेज दिलाने के मामले में 2025 में हुई थी गिरफ्तारी
बांग्लादेशी घुसपैठियों की फर्जी पहचान पत्र में दिल्ली के होटल मालिक की भूमिका बेनकाब
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नई दिल्ली : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के बाद गिरफ्तार किए गए होटल मालिक लवकेश बजाज का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि बजाज पहले भी एक गंभीर मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2025 में उसे बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाने और उन्हें अवैध रूप से दिल्ली में बसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

फर्जी दस्तावेज मामले में हुई थी गिरफ्तारी

मामला 29 जनवरी 2025 का है, जब दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि पहाड़गंज इलाके में एक बांग्लादेशी परिवार फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला, उसकी बेटी और नाबालिग पोते को हिरासत में लिया था।

जांच के दौरान महिलाओं की पहचान स्वीटी सरकार उर्फ ब्यूटी हवलदार उर्फ जोहरा खातून और उसकी बेटी पुष्पो सरकार के रूप में हुई। दोनों वैध भारतीय पहचान पत्र नहीं दिखा सकीं।

तलाशी में पुलिस को दो बांग्लादेशी पासपोर्ट, एक भारतीय पासपोर्ट, कई आधार कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए थे।

लवकेश बजाज का पता इस्तेमाल कर बने दस्तावेज

पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड में दर्ज पता दक्षिण दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव का था, जो लवकेश बजाज के नाम पर था।

पूछताछ में बजाज ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उसने पैसों के बदले अपने घर का पता इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी, ताकि फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार किए जा सकें।

इसके बाद पुलिस ने लवकेश बजाज, स्वीटी सरकार और पुष्पो सरकार को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी। बजाज करीब 15 दिन तिहाड़ जेल में रहा था और बाद में जमानत पर रिहा हुआ था। यह मामला अभी भी अदालत में लंबित है।

होटल अग्निकांड के बाद फिर गिरफ्तारी

अब फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड के बाद बजाज एक बार फिर पुलिस की गिरफ्त में है। बुधवार को लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

पुलिस ने हादसे के कुछ घंटों बाद ही बजाज को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

जलते होटल के पास से गुजर गया था मालिक

पूछताछ में लवकेश बजाज ने स्वीकार किया कि आग लगने के दौरान वह होटल के पास पहुंचा था, लेकिन रुककर लोगों की मदद करने के बजाय वहां से निकल गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने दावा किया कि वह डर गया था और काफी देर तक शहर में इधर-उधर घूमता रहा।

जांच एजेंसियों को आशंका थी कि बजाज देश छोड़कर भाग सकता है, क्योंकि उसके दोनों बच्चे विदेश में रहते हैं। इसी वजह से पुलिस ने उसके और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

बिना फायर एनओसी चल रहा था होटल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फ्लोरिश स्टे होटल बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। अधिकारियों के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है, हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।

होटल में सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी, सीमित निकास व्यवस्था और अन्य गंभीर खामियों को लेकर भी जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां अब होटल संचालन, लाइसेंस, सुरक्षा मंजूरी और पूर्व मामलों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही हैं।

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