

कोलकाता : रामकृष्ण मिशन (RKM) अपनी धरोहर और परंपरा के इतिहास में पहली बार झाड़ग्राम में सामान्य छात्रों के लिए एक सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल स्थापित करने जा रहा है। यह स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पाठ्यक्रम के तहत संचालित होगा।
रामकृष्ण मठ एवं मिशन के महासचिव स्वामी सुवीरानंद जी के अनुसार, स्कूल का उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा। इस परियोजना के लिए रामकृष्ण मिशन आश्रम, निमपीठ ने झाड़ग्राम के श्रीरामपुर क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि और भवन बेलूर मठ प्रशासन को दान में दिया है, जहां स्कूल भवन का निर्माण अंतिम चरण में है।
नए स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को बस सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह संस्थान पूर्व में एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल के रूप में कार्यरत था, जिसे वर्ष 2016 में रामकृष्ण मिशन को सौंपा गया था और 2017 से कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई शुरू हुई थी। छात्रों के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था है।
रामकृष्ण मिशन वर्तमान में बंगाल में 12 प्रमुख स्कूल संचालित करता है और देशभर में कई डिग्री कॉलेज भी चलाता है, जिससे यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्था बन चुकी है। वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि झाड़ग्राम जैसे वनांचल क्षेत्र में सह-शिक्षा CBSE स्कूल की स्थापना शिक्षा क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगी और स्थानीय बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा देगी।