मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: सऊदी-यूएई की एंट्री से जंग के आसार तेज

ईरान के खिलाफ US को सपोर्ट, कूटनीति और हमलों के बीच उलझा मामला
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: सऊदी-यूएई की एंट्री से जंग के आसार तेज
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और गहरा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Saudi Arabia और United Arab Emirates ने ईरान के खिलाफ चल रही स्थिति में कदम बढ़ाए हैं, जिससे संघर्ष के और भड़कने के संकेत मिल रहे हैं। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फहद एयर बेस के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। यह फैसला पहले के रुख से अलग माना जा रहा है, क्योंकि सऊदी ने पहले अपने ठिकानों को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने से इनकार किया था।

इस घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में गिरावट आई। यह संकेत देता है कि निवेशक इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खाड़ी देशों की नाराजगी Iran से बढ़ती जा रही है, जिसने हाल के हमलों के जवाब में आसपास के देशों में भी निशाने साधे हैं। पिछले हफ्ते Israel द्वारा ईरान के गैस फील्ड पर हमले के बाद, ईरान ने पूरे क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इजराइल को फटकार लगाई और बाद में इजराइल ने ऊर्जा ढांचे को निशाना न बनाने की बात कही।

ट्रंप ने सोमवार को यह भी घोषणा की थी कि अमेरिका पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला नहीं करेगा, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। हालांकि, इन बातचीतों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत Steve Witkoff ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf से बातचीत कर रहे थे, लेकिन ईरान ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है।

वहीं, यूएई द्वारा ईरान से जुड़े एक अस्पताल और क्लब को बंद करने की खबर भी सामने आई है, जिसे तेहरान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कुल मिलाकर, कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों के बीच मिडिल ईस्ट का माहौल और अधिक संवेदनशील होता जा रहा है।

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