

हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने दिया आदेश
मामले की सुनवाई हुई इन कैमरा
जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आरजी कर की ट्रेनी डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले की नए सिरे से की जा रही जांच सीबीआई को तीन सप्ताह के अंदर पूरी करनी पड़ेगी। हाई कोर्ट की जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष के डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। इस मामले की सुनवाई अब इन कैमरा हो गई। इसकी अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
यहां उल्लेखनीय है कि कोलकाता पुलिस के साथ ही सीबीआई ने भी इस मामले में संजय राय को अभियुक्त करार दिया है। सियालदह कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा भी सुना दी है। है पर ट्रेंनी डॉक्टर, यानी अभया, के माता-पिता इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध पर ही इस बेंच का गठन किया गया है। अभया के माता-पिता का मानना है इस इस मामले में संजय राय अकेला अभियुक्त नहीं है। वह तो इस साजिश का एक मोहरा भर है। अभया के माता-पिता ने 54 बिंदुओं पर जांच की जाने की अपील की थी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने कोर्ट को जानकारी दी है कि वह 16 बिंदुओं पर जांच कर रही है। अभया के माता-पिता ने उस रात खाने की डिलीवरी करने वाले डिलीवरी बॉय से भी पूछताछ करने का सवाल उठाया था। सीबीआई ने माना है कि उससे पूछताछ की गई है। अभया के माता-पिता ने सेमिनार रूम पर हमला और अफरा तफरी में शव का अंतिम संस्कार किए जाने का सवाल भी उठाया है। पिछली सुनवाई में सीबीआई की रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। जस्टिस घोष ने कहा था कि हत्या से लेकर अंतिम संस्कार तक की जांच की जाए। इसके साथ ही कहा था कि उनके मन में बहुत सारे सवाल है, पर खुली अदालत में सीबीआई से इसका जवाब नहीं मांग सकते हैं। यही वजह है कि शुक्रवार को होने वाली सुनवाई इन कैमरा कर दी गई।