

कोलकाता से एक बड़ा राजनीतिक और शैक्षणिक फैसला सामने आया है। बीजेपी सरकार ने सभी धार्मिक भत्तों को बंद करने का निर्णय लिया है और उसकी जगह छात्रों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देगी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने “Vivekananda Merit Scholarship” योजना को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत सभी वर्ग, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने निजी शैक्षणिक संस्थानों को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेतहाशा फीस के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को भारी परेशानी होती है, इसलिए फीस पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने संस्थानों से अपील की कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे आम छात्रों को नुकसान हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी संस्थानों में दाखिला और मूल्यांकन प्रक्रिया काफी आसान होती जा रही है, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्र प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मूल्यांकन प्रणाली निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर होनी चाहिए ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
सरकार के इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जहां अब फोकस सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रखा जा रहा है।