

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए कुछ सांसदों की संभावित 'घर वापसी' को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। वरिष्ठ तृणमूल सांसद सौगत रॉय के बयान के बाद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान के फिर से तृणमूल में लौटने की अटकलें तेज हो गई हैं।
संसद परिसर में सौगत रॉय की अबू ताहेर और खलीलुर रहमान के साथ मुलाकात ने इस चर्चा को और हवा दे दी। सौगत रॉय ने दावा किया कि केवल ये तीन सांसद ही नहीं, बल्कि एनसीपीआई के कुछ अन्य सांसद भी तृणमूल के संपर्क में हैं। उनका कहना है कि एनडीए के साथ जाने के बाद कुछ सांसद मौजूदा राजनीतिक स्थिति से असहज हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे घटनाक्रम से अवगत हैं तथा यदि ये सांसद लौटते हैं तो उनके खिलाफ दायर दल-बदल विरोधी कानून के तहत सदस्यता समाप्त करने की याचिका वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि अबू ताहेर और खलीलुर रहमान ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल एनसीपीआई और एनडीए के साथ ही हैं। वहीं तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों की वापसी की संभावना को खारिज करते हुए उन्हें "विश्वासघाती" बताया।
दूसरी ओर एनसीपीआई ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन खबरों को निराधार बताया है। ऐसे में अब सभी की नजरें संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।