इंदौर : मध्यप्रदेश की स्वच्छ नगरी इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवाईएच) में चूहों के हमले की शिकार दूसरी नवजात बच्ची ने बुधवार को दम तोड़ दिया जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने दावा किया कि उसकी मौत सेप्टिसीमिया (रक्त विषाक्तता या रक्त संक्रमण) के कारण हुई।
बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गयी
एमवाईएच के उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में चूहों के हमले की जद में आयी एक नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि महज 1.60 किलोग्राम वजन वाली यह बच्ची अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही थी जिनमें आंतों की विकृति भी शामिल थी। वर्मा ने बताया कि एमवाईएच में सात दिन पहले इस बच्ची का ऑपरेशन किया गया था और ‘सेप्टिसीमिया’ के कारण उसकी हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि बच्ची की मृत्यु ‘सेप्टिसीमिया’ के कारण हुई है। वर्मा ने कहा कि बच्ची के परिजनों की इच्छा के मुताबिक उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है और शव उन्हें सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्ची को चूहों ने उसके बायें हाथ की दो अंगुलियों पर काटा था जिससे उसे ‘हल्की खरोंच’ आयी थी।
पहली बच्ची की मौत भी इसी तरह हुई
इससे पहले एमवाईएच में चूहों के हमले की शिकार एक अन्य बच्ची की मंगलवार को मौत हो गयी थी। एमवाईएच के अधिकारियों ने कहा कि यह बच्ची भी अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही थी। एमवाईएच प्रशासन का दावा है कि इस बच्ची की मौत ‘निमोनिया के संक्रमण’ से हुई। चूहों के हमले की शिकार दोनों बच्चियां नवजात बच्चों की सर्जरी से जुड़े विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती थीं। अधिकारियों ने बताया कि नवजात बच्चों के शरीर को चूहों के कुतरे जाने की घटना की शुरुआती जांच के आधार पर मंगलवार को एमवाईएच के दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था और अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक को पद से हटा दिया गया था। उन्होंने बताया कि एमवाईएच की साफ-सफाई, सुरक्षा और कीट नियंत्रण के काम के ठेके से जुड़ी एक निजी फर्म को चेतावनी पत्र जारी करते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।