

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता पश्चिम बंगाल में एक राशन कार्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में व्याप्त संभावित विसंगतियों पर ध्यान आकर्षित किया है। वायरल हो रहे इस कार्ड में कथित तौर पर 'पिता/पति का नाम' वाले कॉलम में आईपीएल टीम 'KKR Night Riders' लिखा हुआ दिखाया गया है। यह पोस्ट भले ही हास्यास्पद लगे, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस वायरल दावे को 'पुरानी और निर्मित (fabricated) खबर' बताकर सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके डैशबोर्ड के अनुसार, वर्तमान में राज्य में 8.72 करोड़ से अधिक राशन कार्ड सक्रिय (एक्टिव) हैं और अनियमितताओं को दूर करने के लिए कार्डों की नियमित जांच का काम लगातार चल रहा है।
फर्जी कार्डों पर कड़ा प्रहार: विभाग ने यह स्वीकार किया है कि राज्य में फर्जी, डुप्लिकेट और अनियमित राशन कार्डों की समस्या काफी बड़ी रही है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने आधार-राशन लिंकिंग ड्राइव सहित कई सक्रिय अभियान चलाए हैं, जिसके तहत बड़ी संख्या में अवैध कार्डों को रद्द किया गया है।
2 करोड़ से अधिक कार्ड रद्द: ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आधार-लिंकिंग अभियान शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 2 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं।
मृतकों के नाम पर कार्ड: अकेले साल 2022 में ही 31 लाख ऐसे कार्ड पाए गए थे, जिनमें मृतकों या बेनामी (ghost) लोगों के नाम थे, जिन्हें तत्काल रद्द किया गया।
नवीनतम कार्रवाई: नवीनतम रिपोर्ट (2025) के अनुसार, 16.67 लाख कार्डों को 'प्रमुख अनियमितताओं' के चलते रद्द करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार ने 58 लाख से अधिक फर्जी कार्ड रद्द होने की जानकारी दी है। पश्चिम बंगाल में कार्ड रद्द होने का एक प्रमुख नियम यह भी है कि यदि कोई कार्डधारक लगातार छह महीने तक राशन नहीं उठाता है, तो उसका कार्ड निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि भले ही 'KKR Night Riders' वाला कार्ड एक मजाक हो, लेकिन सच्चाई यह है कि सत्यापन और लिंकिंग अभियानों के कारण लाखों अवैध और अपात्र कार्ड रद्द किये गये हैं। इस सख्ती से सरकारी अनाज और धन की भारी बचत हुई है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि लाभ वास्तव में पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।