

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : उलुबेड़िया में हुगली नदी से एक दुर्लभ प्रजाति का कछुआ मिला है। बुधवार सुबह उलुबेड़िया 1 ब्लॉक के दक्षिण जगदीशपुर निवासी मछुआरे वैद्यनाथ शास मल जब नदी में मछली पकड़ रहे थे, तब उनके जाल में यह कछुआ फंस गया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पर्यावरणविद् और वन्यजीव बचावकर्ता देवाशिस पात्रा को इसकी सूचना दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कछुए को सुरक्षित किया और वन विभाग को सूचित किया। वन कर्मियों ने कछुए को अपने कब्जे में लेकर गड़चुमुक पशु चिकित्सा केंद्र भेज दिया है।
आक्रामक स्वभाव और पहचान की खासियत
इस कछुए को ''रेड-इयर्ड स्लाइडर'' (Red-eared Slider) कहा जाता है। आंखों के ठीक पीछे लाल निशान होने के कारण इसे यह नाम मिला है। इसके अत्यधिक आक्रामक स्वभाव के कारण स्थानीय लोग इसे ''राक्षसी कछुआ'' या ''फाइटर कछुआ'' भी कहते हैं। मूल रूप से अमेरिका में पाई जाने वाली यह प्रजाति बहुत खतरनाक और हिंसक मानी जाती है।
स्थानीय पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा
वन अधिकारियों के अनुसार, यह प्रजाति स्थानीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए बेहद हानिकारक है। ये कछुए स्थानीय प्रजातियों की मछलियों, मेंढकों और अन्य कछुओं का भोजन तो छीनते ही हैं, साथ ही उन्हें मारकर अपनी आबादी बढ़ाते हैं। यह कछुआ नदी में कैसे पहुंचा, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इसे वन विभाग की देखरेख और निगरानी में रखा गया है।