

सन्मार्ग संवाददाता
नदिया/राणाघाट: खाड़ी देशों की चकाचौंध और वहां मोटी कमाई का सपना दिखाकर नदिया जिले के राणाघाट में युवाओं को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। धानतल्ला थाना अंतर्गत दत्तपुलिया इलाके में 'नौकरी दिलाने' का दफ्तर खोलकर बैठे जमालुद्दीन मंडल पर दर्जनों युवाओं का भविष्य दांव पर लगाने और उनके पासपोर्ट हथियाने का गंभीर आरोप लगा है। फिलहाल, आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जमालुद्दीन मंडल ने दत्तपुलिया में एक आकर्षक ऑफिस बना रखा था। वह निर्माण श्रमिक (Construction Worker), रंग-मिस्त्री (Painter) और कारपेंटर जैसे कामों के लिए दुबई, सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों के ऊंचे वेतन वाले 'ऑफर लेटर' दिखाता था। कम पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवाओं को वह यह भरोसा दिलाता था कि पासपोर्ट जमा करने के कुछ ही दिनों के भीतर उनका वीजा आ जाएगा। उसके इस सुनहरे वादों के जाल में फंसकर कई युवाओं ने अपनी जमा-पूंजी और असली पासपोर्ट उसे सौंप दिए।
हकीकत तब सामने आई जब महीनों बीत जाने के बाद भी किसी को वीजा नहीं मिला। जब पीड़ितों ने अपनी नौकरी और पैसों के बारे में पूछताछ शुरू की, तो जमालुद्दीन टालमटोल करने लगा। हद तो तब हो गई जब पीड़ितों ने अपना पासपोर्ट वापस मांगा। आरोप है कि जमालुद्दीन ने पासपोर्ट लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। अब तक इस मामले में धानतल्ला थाने और राणाघाट कोर्ट में कुल 17 औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, हालांकि पीड़ितों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने की आशंका है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पीड़ितों के दावों से हुआ है। पीड़ितों का कहना है कि जमालुद्दीन का भाई कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। जमालुद्दीन इसी 'खाकी' के रसूख का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ताओं को डराता-धमकाता था। वह अक्सर धमकी देता था कि अगर किसी ने पुलिस में जाने की कोशिश की, तो उसका भाई उन्हें परेशान कर देगा। इसी डर के कारण कई युवक महीनों तक खामोश रहे, लेकिन जब सब्र का बांध टूटा, तो उन्होंने न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया।
धानतल्ला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमालुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, उसके बैंक खातों और विदेश भेजने के नाम पर लिए गए दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे अनाधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज किसी को भी सौंपने से पहले पूरी सावधानी बरतें।