

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने मामले में पूछताछ के लिए अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत 70 से 80 लोगों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। इससे ये आशंका जताई जा रही है कि मामला जितना दिख रहा है, उससे बहुत बड़ा और फैला हुआ है।
चंपत राय के बयान दर्ज, अनिल मिश्रा से भी होगी पूछताछ
वहीं सोमवार को सामने आया है कि पुलिस ने ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय के बयान को भी दर्ज किया है। जांच में आगे जरूरत पड़ने पर पुलिस अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज करेगी। बता दें कि हाल ही में चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया है।
क्या ट्रस्ट को पहले से थी गड़बड़ी की जानकारी ?
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट को चंदे और चढ़ावे की इस कथित गड़बड़ी की जानकारी पहले से थी और पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई भी औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही कर दी थी।सूत्रों के अनुसार, 5 जून को चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस टीम के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचे थे। इसी दिन पुलिस ने छापेमारी कर अविनाश शुक्ला को हिरासत में लिया और उसके पास से नकदी भी बरामद की गई थी।
गड़बड़ी की जानकारी थी, लेकिन नहीं कराई एफआईआर
हालांकि उस वक्त ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। बताया जा रहा है कि शुरुआती कार्रवाई अनौपचारिक स्तर पर हुई थी, जबकि मामला 7 जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया। इस बीच आरोपी अविनाश शुक्ला का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। यह 24 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का है।
फुटेज में क्या है ?
फुटेज में पुलिसकर्मी और बैंक कर्मचारी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर सफेद रंग की कार की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है।
सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में बरामद नकदी रखी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर से चढ़ावे में कथित चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अविनाश शुक्ला के पास से करीब 5 लाख रुपये बरामद किए थे। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि पुलिस आरोपी को पकड़कर सफेद गाड़ी में बैठा रही है, जबकि उसके हाथ में काला बैग मौजूद है।