

नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि आज विदेश नीति की जो स्थिति है वह एक ‘‘समझौतावादी व्यक्ति के शोषण’’ का परिणाम है। उन्होंने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया के युद्ध और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से जुड़े विषयों की पृष्ठभूमि में की है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत की विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से आकार लेती है। इसकी जड़ें हमारे इतिहास, हमारे भूगोल और सत्य और अहिंसा पर आधारित हमारे आध्यात्मिक लोकाचार में होनी चाहिए।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आज हम जो देख रहे हैं वह नीति नहीं है। यह एक समझौतावादी व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।’’
वहीं आज ही बाद में कोल्लम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा समय में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोग ‘‘अंधकार की ओर बढ़ रहे हैं’ और ज्ञान से दूर हो रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता यह भी कहा कि चाहे राजनीति हो या अंतरराष्ट्रीय संबंध, दूसरे व्यक्ति को समझने की कोई कोशिश नहीं की जा रही और असहमति से मुकाबला करने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आज हम अपनी राजनीति में, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देखते हैं कि हर कोई अंधकार की ओर भाग रहा है और ज्ञान से दूर जा रहा है। दूसरे व्यक्ति को समझने की कोई कोशिश नहीं की जाती है, आप बस उन्हें बम से उड़ा देते हैं और मार देते हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमारी राजनीति में भी ऐसा ही है। आप किसी से सहमत नहीं हैं, आप उस व्यक्ति पर हमला करते हैं या उनके प्रति हिंसक हो जाते हैं।" वह यहां महात्मा गांधी और सुधारवादी संत श्री नारायण गुरु के बीच हुई मुलाकात के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और नारायण गुरु दोनों ऐसी हिंसा के खिलाफ थे और लोगों के बीच प्यार, सम्मान, क्षमा और समझ की पैरोकारी करते थे।