

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
खरदह: उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बंदीपुर पंचायत इलाके में सोमवार को 'विशेष जांच रिपोर्ट' (SIR) सुनवाई केंद्र पर उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब हजारों की संख्या में पहुंचे मतदाताओं का धैर्य जवाब दे गया। अव्यवस्था और घंटों इंतजार से आक्रोशित भीड़ ने केंद्र पर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात करना पड़ा। सुनवाई केंद्र पर मची अफरा-तफरी के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी, जिसे संभालने में सुरक्षा बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बंदीपुर पंचायत के तीन मतदान केंद्रों (बूथों) के 800 से अधिक लोगों को इस सुनवाई के लिए बुलाया गया था। प्रशासन की ओर से की गई अपर्याप्त व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुनवाई केंद्र पर मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। कोई सिर पर पट्टी बांधे हुए पहुंचा था, तो कोई टूटे हुए हाथ के साथ दर्द में भी लाइन में खड़ा रहने को मजबूर था। इतना ही नहीं, शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) व्यक्तियों को भी बिना किसी विशेष सुविधा के घंटों कतार में देखा गया। कई महिलाएं सुबह से ही अपने दुधमुंहे बच्चों को गोद में लिए तपती धूप में अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं।
सुनवाई केंद्र पर मौजूद मतदाताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। लोगों का आरोप था कि जब वे पहले ही मतदान कर चुके हैं या उनके पास वैध दस्तावेज हैं, तो इस तरह की शारीरिक प्रताड़ना वाली सुनवाई का क्या औचित्य है? भीषण गर्मी और बैठने की व्यवस्था न होने के कारण कई बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी दौरान कतार में लगने को लेकर लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे माहौल गर्मा गया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और आरएएफ के जवानों ने केंद्र के भीतर और बाहर फ्लैग मार्च कर भीड़ को तितर-बितर किया।
विवाद और अव्यवस्था के बीच बंदीपुर पंचायत के सदस्य मसूद लस्कर ने लोगों की सुध ली। वे सुबह से ही केंद्र पर मौजूद रहे और परेशान मतदाताओं की समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया। लस्कर ने कहा कि इस तरह की सुनवाई के नाम पर आम जनता, विशेषकर मरीजों और महिलाओं को परेशान करना अनुचित है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में इस तरह की प्रक्रियाओं के लिए बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि लोगों को इस तरह की फजीहत न झेलनी पड़े। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।