

नई दिल्लीः कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि वर्ष 2014 से 2017 दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और अमेरिका में बाल यौन अपराध के दोषी जेफ्री एप्सटीन के बीच 62 बार ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था तथा उनकी 14 मुलाकातें हुईं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री पर ‘‘आदतन झूठ बोलने’’ का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें पद से इस्तीफा देने के बाद सफाई देनी चाहिए।
कांग्रेस के इस नए दावे पर पुरी की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था। केंद्रीय मंत्री का नाम अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में शामिल है।
खेड़ा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हरदीप पुरी ने कहा है कि उनकी एप्सटीन से सिर्फ तीन-चार मुलाकतें हुई हैं, जबकि ये झूठ है।’’ कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘ वर्ष 2014 से 2017 दौरान हरदीप पुरी और एप्सटीन के बीच 62 बार ईमेल का अदान-प्रदान हुआ। इसके अलावा 14 बार मुलाकात हुईं। सिर्फ 2014 में 5, 6, 8 और 9 जून, 19, 23 और 24 सितम्बर, 9 और 10 अक्टूबर को मुलकातें हुईं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पुरी ‘‘पैथोलॉजिकल लायर’’ (आदतन झूठ बोलने वाले व्यक्ति) हैं। खेड़ा ने सवाल किया कि जून, 2014 में हरदीप पुरी क्या थे, किस पद पर थे और उन्होंने किस हैसियत से एप्सटीन से मुलाकात की थी?
उन्होंने दावा किया, ‘‘इसमें रोचक बात ये है कि नरेन्द्र मोदी ने मई, 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और जून, 2014 में हरदीप पुरी की मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ था।’’ कांग्रेस नेता ने सवाल किसा, ‘‘हरदीप पुरी एक सामान्य नागरिक की हैसियत से सरकार की नीतियां एप्सटीन से क्यों साझा कर रहे थे? हरदीप पुरी किसे बचाने के लिए इतने झूठ बोल रहे हैं?’’ खेड़ा ने कहा, ‘‘वह पहले इस्तीफा दें और फिर इस बात की सफाई दें।’’