जूट मिलें खोलने की मांग पर जगदह व कमरहट्टी में प्रदर्शन 

Protests held in Jagaddal and Kamarhati demanding the reopening of jute mills.
जगदल में मिल खोलने की मांग पर प्रदर्शन करते श्रमिक
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

जगद्दल/कमरहाटी: बैरकपुर औद्योगिक बेल्ट में जूट मिलों की तालाबंदी ने एक बार फिर हजारों श्रमिकों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जगद्दल स्थित JJI जूट मिल को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर श्रमिकों ने आज जमकर विरोध प्रदर्शन किया और घोषपाड़ा रोड को अवरुद्ध कर दिया। सिर्फ जगद्दल ही नहीं, बल्कि कमरहट्टी स्थित प्रवर्तक जूट मिल की बंदी के ​ विरुद्ध भी जूट मिल गेट पर श्रमिकों द्वारा प्रदर्शन किया गया। सीआईटीयू (CITU) नेता गार्गी चटर्जी ने इन श्रमिकों के साथ मिलकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद की अनुपस्थिति और चुप्पी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद सौगत राय 'शीत निद्रा' में हैं और श्रमिकों की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर हैं। गार्गी चटर्जी ने कहा कि भाजपा और टीएमसी दोनों ही उद्योगों के खिलाफ रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सिंगूर से टाटा को हटाने में शुभेंदु अधिकारी की प्रमुख भूमिका थी, जो आज राज्य के नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन प्रवर्तक जूट मिल को खोलने के लिए वे भी चुप हैं।

Protests held in Jagaddal and Kamarhati demanding the reopening of jute mills.
सड़क अवरोध कर प्रदर्शन करते श्रमिक संगठन कर्मी

प्रशासन को अल्टीमेटम ! 

गार्गी चटर्जी ने कहा कि जूट मिलों का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है और इसे मिटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और प्रबंधन को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर मिल नहीं खोली गई, तो वे आमरण अनशन, सड़क जाम और तीव्र आंदोलन शुरू करेंगी।

हजारों श्रमिक बेरोजगार, ​चिंता में डूब है परिवार

जगद्दल की JJI जूट मिल में पिछले 22 दिसंबर 2025 से कार्यस्थगन है। वहीं गत सप्ताह कमरहट्टी की प्रवर्तक जूट मिल में भी कार्यस्थगन की नोटिस लगा दी गयी। मिल के अचानक बंद होने से लगभग 6 श्रमिक रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं। अपनी रोजी-रोटी के संकट को देखते हुए, विभिन्न राजनीतिक दलों के श्रमिक संगठनों (संयुक्त ट्रेड यूनियन) ने मिलकर मिल के गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों की मांग है कि प्रबंधन और प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करें और मिल को जल्द से जल्द चालू करें ताकि उनके चूल्हे जल सकें।

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