क्यूबा में फिर भड़के विरोध प्रदर्शन, मोरोन बना केंद्र

बिजली संकट, अमेरिकी नाकेबंदी और ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
क्यूबा में फिर भड़के विरोध प्रदर्शन, मोरोन बना केंद्र
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क्यूबा में कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गए हैं, जिनका केंद्र Moron शहर बना हुआ है। हाल के दिनों में बिजली कटौती और खाद्य संकट के कारण जनता में गुस्सा फूट पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह संकट मुख्य रूप से अमेरिकी तेल नाकेबंदी से जुड़ा है, जिसके चलते ईंधन की भारी कमी हो गई है।

राजधानी Havana समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन मोरोन में हालात ज्यादा गंभीर हो गए। यहां प्रदर्शनकारियों ने कम्युनिस्ट पार्टी के दफ्तर पर हमला कर दिया, पत्थरबाजी की और फर्नीचर को बाहर निकालकर आग लगा दी।

यह प्रदर्शन शुरुआत में शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हिंसक हो गया। कम से कम 5 से 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सरकार विरोधी कार्यकर्ता Yoani Sanchez ने दावा किया कि उन्हें हवाना में सादे कपड़ों में पुलिस ने घर में ही रोक रखा है। एक वीडियो में उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी कानूनी आदेश के उन्हें बाहर जाने से क्यों रोका जा रहा है।

क्यूबा के राष्ट्रपति Miguel Diaz-Canel ने माना कि लंबे समय से चल रही बिजली कटौती के कारण जनता का गुस्सा “समझने योग्य” है, लेकिन उन्होंने हिंसा के खिलाफ चेतावनी भी दी। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें “क्यूबा को अपने नियंत्रण में लेने का सम्मान मिल सकता है।” उनके इस बयान से तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका ने वेनेजुएला से आने वाली तेल आपूर्ति भी रोक दी है, जिससे क्यूबा का ऊर्जा संकट और गहरा गया है। स्थिति को संभालने के लिए क्यूबा और अमेरिका के बीच बातचीत भी शुरू हुई है, लेकिन अमेरिकी पक्ष की मांगों में राष्ट्रपति के पद छोड़ने की बात भी शामिल बताई जा रही है।

मोरोन की घटनाएं दिखाती हैं कि क्यूबा में आर्थिक और ऊर्जा संकट अब बड़े सामाजिक असंतोष में बदल रहा है, जो सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

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