

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय AI स्टार्टअप के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, मोदी ने समाज में परिवर्तन लाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय AI मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और उन्हें स्थानीय और स्वदेशी सामग्री तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उद्यमी देश के भविष्य के सह-निर्माता हैं। अगले महीने आयोजित होने वाले ‘AI फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज’ शिखर सम्मेलन के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके 12 भारतीय AI स्टार्टअप ने बैठक में भाग लिया तथा अपने विचारों और कार्य से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने ‘इंडिया AI इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसके माध्यम से देश प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत AI का लाभ उठाकर परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि देश में नवाचार और व्यापक कार्यान्वयन, दोनों की अपार क्षमता है।
मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा अनूठा एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए जो ‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ की भावना को प्रतिबिंबित करे। ये स्टार्टअप विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनमें भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, बहुभाषी एलएलएम, ‘स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो’ के अलावा ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और व्यक्तिगत सामग्री निर्माण के लिए जनरेटिव AI का उपयोग करके 3डी सामग्री तैयार करना शामिल हैं। इनमें इंजीनियरिंग सिमुलेशन और विभिन्न उद्योगों में डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए उन्नत विश्लेषण तथा स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा अनुसंधान आदि शामिल हैं।
बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गान, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सोकेट एआई, टेक महिंद्रा और ज़ेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप के सीईओ और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।