आलू की कीमतों में 40% तक गिरावट, आगे भी राहत की उम्मीद

बाजारों में उत्तर बंगाल से नयी आलू की आवक शुरू
आलू की कीमतों में 40% तक गिरावट, आगे भी राहत की उम्मीद
Published on

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पिछले साल की तुलना में इस वर्ष आलू की कीमतों में 40% की गिरावट दर्ज की गयी जिससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। राज्य के कृषि विपणन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी आलू के दाम नियंत्रण में रहेंगे। वहीं दूसरी ओर बाजारों में उत्तर बंगाल से नये आलू की आवक शुरू हाे चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष नये आलू के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता कम होगी।

कीमतों पर एक नजर

आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष इस समय आलू का होलसेल रेट 22 से 24 रुपये प्रति किलो था, जबकि रिटेल में इसकी कीमत 28 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले इस वर्ष आलू का होलसेल रेट 13 से 14 रुपये प्रति किलो है, वहीं खुदरा बाजार में आलू 16 से 18 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। कहीं-कहीं इससे भी कम रेट है। (नोट : अलग अलग बाजारों में दर में मामूली अंतर संभव) आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल राज्य में लगभग 3 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित है। यह आंकड़ा करीब एक सप्ताह पहले का बताया जा रहा है, जिससे यह साफ है कि अब भी बाजार में आलू की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

कीमतों में उतार - चढ़ाव के कारण

पिछले साल लगभग 10 लाख मीट्रिक टन आलू का स्टोरेज उपयोग किया गया था। बढ़ती कीमतों को देखते हुए राज्य सरकार ने बंगाल से बाहर आलू भेजने पर अस्थायी रोक भी लगा दी थी। इस वर्ष कीमतें इसलिए नियंत्रण में हैं क्योंकि इस वर्ष आलू का उत्पादन अधिक हुआ है और कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन्हीं कारणों से बाजार में आलू की उपलब्धता बनी हुई है और कीमतें फिलहाल नियंत्रण में हैं।

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है। ऐसे में आलू की कीमत नियंत्रण में हो तो रसोई का बजट भी ठीक रहता है। वर्तमान में राज्यभर में आलू की कीमतें नियंत्रण में हैं। इससे उपभोक्ताओं को राहत है और गृहिणियां खुश हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in