

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
भाटपाड़ा: आज के दौर में सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'फेम' पाने की चाहत कभी-कभी जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सकती है। ऐसा ही एक मामला उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में सामने आया है, जहाँ हाथ में हथियार लेकर फोटो पोस्ट करना एक युवती के लिए काल बन गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया है।
गिरफ्तार युवती की पहचान रिया कर्मकार सिंह (29) के रूप में हुई है, जो भाटपाड़ा के रथतला शीतलातला इलाके की रहने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद रिया अपने मायके में ही रह रही थी। आरोप है कि बीते 29 दिसंबर को उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह हाथ में एक 7 एमएम (7mm) पिस्टल लिए हुए दिखाई दे रही थी।
यह फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही "जंगल की आग" की तरह फैल गई। नेटिजन्स ने इस तस्वीर पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं और कई लोगों ने पुलिस को भी टैग किया। जैसे ही यह तस्वीर भाटपाड़ा थाने की पुलिस की नजर में आई, जांचकर्ताओं ने इस पर कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी।
पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए रिया के ठिकाने का पता लगाया। गुरुवार रात पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक 'वन शटर' (One-shutter) बंदूक बरामद की है।
हैरानी की बात यह है कि रिया ने फेसबुक पर जो तस्वीर डाली थी, उसमें दिख रहा हथियार 7 एमएम पिस्टल था, जबकि बरामद की गई बंदूक अलग है। इसका मतलब है कि उसके पास एक से अधिक हथियारों की पहुंच हो सकती है। शुरुआती पूछताछ में रिया ने दावा किया है कि फोटो में दिख रही पिस्टल उसके एक दोस्त की है। पुलिस अब उस 'दोस्त' की तलाश में जुट गई है।
पुलिस इस मामले को केवल "शौक" या "फोटो" तक सीमित नहीं मान रही है। जांचकर्ताओं के मन में कई गंभीर सवाल हैं:
क्या वह युवती किसी हथियार तस्करी गिरोह का हिस्सा है?
बरामद हथियार और फोटो वाले हथियार के बीच क्या संबंध है?
वह अवैध हथियार उसके पास क्यों और किस उद्देश्य से रखे गए थे?
शुक्रवार को आरोपी युवती को बैरकपुर उप-मंडल अदालत में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। पुलिस का मानना है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान इलाके में सक्रिय अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।