अडानी मामले पर सियासत तेज, राहुल गांधी का PM मोदी पर बड़ा हमला

अमेरिका में केस वापस लेने की खबर पर कांग्रेस का आरोप—“ट्रेड डील नहीं, अडानी को बचाने की डील”
अडानी मामले पर सियासत तेज, राहुल गांधी का PM मोदी पर बड़ा हमला
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नई दिल्ली : उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिकी मामले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

दरअसल, एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग United States Department of Justice अडानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने की तैयारी में है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने कोई “ट्रेड डील” साइन नहीं की, बल्कि अडानी को राहत दिलाने के लिए “डील” की है।

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह साफ हो गया है कि सरकार ने “एकतरफा” और “निराशाजनक” व्यापार समझौते को क्यों स्वीकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया।

मामले की जड़ नवंबर 2024 में है, जब अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अन्य लोगों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। आरोप था कि भारतीय अधिकारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की गई, ताकि सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया जा सके।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर आरोप वापस भी लिए जाते हैं, तो अडानी को वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव के बजाय अमेरिका की बदलती नीतियों का हिस्सा भी हो सकता है, जहां विदेशी भ्रष्टाचार मामलों में सख्ती कम की जा रही है।

कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि अडानी मामले की वजह से सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि इसी दबाव के चलते भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य फैसलों में झुकाव दिखा।

यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंच तक गूंज चुका है और आने वाले समय में इस पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

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