

देश में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा सांसद Kangana Ranaut ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi इस संकट से भी उसी तरह देश को बाहर निकालेंगे जैसे उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान नेतृत्व किया था।
कंगना रनौत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल एलपीजी संकट के मुद्दे को लेकर अनावश्यक घबराहट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ रही है, लेकिन भारत में विकास परियोजनाएं लगातार शुरू हो रही हैं। उनके अनुसार सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर आश्वासन दिया है और जनता को प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा रखना चाहिए।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi के नेतृत्व में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर एलपीजी की कमी पर चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है और सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि जनता को भरोसा दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कुछ रेस्तरां गैस की कमी के कारण खाना तक नहीं बना पा रहे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में कई रेस्तरां गैस की कमी के कारण इंडक्शन कुकिंग का सहारा ले रहे हैं। वहीं गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें भी देखी गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर भारत समेत कई देशों में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है।