बनगांव नगरपालिका में सियासी उथल-पुथल: पार्टी के आदेश की अवहेलना कर चेयरमैन ने वाइस चेयरमैन को हटाया

राजनीतिक साजिश के आरोप
Political turmoil in Bangaon Municipality: Chairman defies party orders to remove Vice Chairman
बनगांव पालिका भवन का फोटो bangaon
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बनगांव : बनगांव नगर पालिका की राजनीति में एक बड़ा और नाटकीय मोड़ आ गया है, जिसने सत्ताधारी दल के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया है। चेयरमैन गोपाल शेठ पर पार्टी के उच्च कमान के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगा है।

पार्टी के आदेश की अवहेलना का है आरोप

पार्टी नेतृत्व ने गोपाल शेठ को चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का स्पष्ट निर्देश दिया था, जिसके लिए उन्हें 15 नवंबर तक की समय सीमा दी गई थी। हालांकि, गोपाल शेठ ने पार्टी के इस निर्देश का पालन करने के बजाय, मंगलवार को एक अप्रत्याशित कदम उठाया। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की बजाय, नगर पालिका की वाइस चेयरमैन ज्योत्सना आढ़्य को उनके पद से हटा दिया।

विरोधी गुट पर पलटवार

गोपाल शेठ के इस कदम को उनके विरोधी गुट पर किए गए सीधे पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। अपदस्थ वाइस चेयरमैन ज्योत्सना आढ़्य बनगांव नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान में गोपाल शेठ के प्रमुख विरोधी गुट के नेता शंकर आढ़्य की पत्नी हैं।

नगर पालिका चुनाव के बाद 2022 में जब गोपाल शेठ को चेयरमैन का पद मिला था, तब ज्योत्सना आढ़्य को वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, नगर पालिका के संचालन के दौरान दोनों के बीच हमेशा मतभेद और विरोध की स्थिति बनी रही थी।

पद से हटाने का आधिकारिक आधार

ज्योत्सना आढ़्य को भेजे गए आधिकारिक पत्र में उन्हें हटाने का कारण स्पष्ट किया गया है। पत्र में कहा गया है कि उन्हें 'पश्चिम बंगाल नगर पालिका अधिनियम, 1993 की धारा 21(सी)' में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए हटाया जा रहा है। हटाने का आधार कर्तव्यों के निर्वहन में असंतोष और लंबे समय से नगर पालिका के राजस्व को बढ़ाने में उनकी लापरवाही बताया गया है।

वाइस चेयरमैन ने लगाया साजिश का आरोप

पद से हटाए जाने के बाद ज्योत्सना आढ़्य ने चेयरमैन गोपाल शेठ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गोपाल शेठ पहले भी उनके खिलाफ साजिश रच चुके हैं। उन्होंने दावा किया:

"पार्टी ने जब उन्हें (गोपाल शेठ को) पद से हटने के लिए कहा है, तो उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि मेरे खिलाफ फिर से साजिश शुरू कर दी है। उन्हें जो सात दिन का समय दिया गया है, उन्होंने उसका उपयोग इस तरह की कार्रवाई करने के लिए किया है।"

इस पूरी उथल-पुथल पर चेयरमैन गोपाल शेठ ने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। यह घटना बनगांव नगर पालिका में चल रहे आंतरिक संघर्ष और शक्ति प्रदर्शन को दर्शाती है, जबकि पार्टी नेतृत्व ने पहले ही चेयरमैन को बदलने का मन बना लिया था। अब सभी की निगाहें 15 नवंबर की समय सीमा पर टिकी हैं कि गोपाल शेठ पार्टी के आदेश का पालन करते हैं या नहीं।

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