कांचरापाड़ा में राजनीतिक हलचल: दो साल बाद नगर पालिका पहुंचे मुकुल-पुत्र शुभ्रांशु राय

क्या पाला बदलने के हैं संकेत?
Political Stir in Kanchrapara: Will Mukul Roy's son Subhranshu Roy join BJP?
पालिका भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते कांचरापाड़ा पालिका के वाइस चेयरमैन शुभ्रांशु राय
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कांचरापाड़ा: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब दिग्गज नेता मुकुल राय के पुत्र शुभ्रांशु राय लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद अचानक कांचरापाड़ा नगर पालिका पहुंचे। शुभ्रांशु के इस कदम ने स्थानीय राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या वे एक बार फिर भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं।

चेयरमैन की अनुपस्थिति में संभाली कमान, सर्वदलीय समिति का गठन

नगर पालिका पहुंचने पर शुभ्रांशु राय ने वर्तमान प्रशासनिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के चेयरमैन पिछले कई दिनों से, विशेषकर चुनाव परिणाम आने के बाद से, कार्यालय नहीं आ रहे हैं। शुभ्रांशु ने तर्क दिया कि वे नगर पालिका के वाइस चेयरमैन हैं और चेयरमैन की अनुपस्थिति में शहर के विकास कार्यों को ठप नहीं होने दिया जा सकता। इसी के मद्देनजर उन्होंने नगर पालिका चलाने के लिए एक 'सर्वदलीय समिति' के गठन का प्रस्ताव दिया, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों को शामिल करने की बात कही गई है।

जय श्रीराम के नारों के बीच शुभांशु का स्वागत, बढ़ीं राजनीतिक अटकलें

शुभ्रांशु राय के नगर पालिका पहुंचने पर वहां का नजारा बेहद चर्चा में रहा। उनके आने से पहले और उनके सामने ही कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' के जमकर नारे लगाए। विशेष बात यह रही कि वहां 2021 में बनगांव से भाजपा की उम्मीदवार रहीं आल रानी सरकार भी मौजूद थीं, जो खुद नारे लगा रही थीं। भाजपा नेताओं की मौजूदगी और नारों के बीच शुभ्रांशु का नगर पालिका संचालन का जिम्मा उठाना उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह है कि क्या यह 'सर्वदलीय समिति' वास्तव में काम कर पाएगी या यह किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर की शुरुआत है।

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