बाल विवाह रुकवाने गई पुलिस के सामने सामूहिक दुष्कर्म का खुलासा ! तीन गिरफ्तार

Police investigating a child marriage uncover a gang rape; three arrested.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : बारासात के देगंगा थाना अंतर्गत नूरनगर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। इसे 'केंचुआ खोदते हुए नाग निकलना' ही कहा जाएगा। पुलिस यहाँ एक नाबालिग की कम उम्र में होने वाली शादी को रुकवाने पहुँची थी, लेकिन वहाँ पहुँचते ही जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। बाल विवाह की आड़ में सात महीने से दबा एक सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) का भयावह मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के तीन दूर के रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है।

जन्मदिन की पार्टी और विश्वासघात

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दरिंदगी करीब सात महीने पहले घटित हुई थी। आरोप है कि उस समय नाबालिग के एक रिश्तेदार के घर जन्मदिन की पार्टी थी। आरोपियों में से एक की पत्नी ही उस नाबालिग को बहला-फुल्का कर पार्टी में ले गई थी। आरोप है कि वहाँ नाबालिग को जबरन नशीला पदार्थ या शराब पिलाई गई। जब नाबालिग बेसुध होने लगी, तो चार युवक उसे उसके घर छोड़ने के बहाने ले गए।

घर के भीतर ही दरिंदों का तांडव

पीड़िता का पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर रहता है। घटना की रात पीड़िता की माँ दूसरे कमरे में सो रही थी। दरिंदों ने इस स्थिति का फायदा उठाया और नाबालिग को दूसरे कमरे में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। लोक-लाज और डर के मारे यह बात दबी रही, लेकिन जब उस नाबालिग की शादी की रस्में चल रही थीं, तभी पुलिस को बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली।

पुलिस की सक्रियता और गिरफ्तारी

शादी रुकवाने पहुँची पुलिस को जब नाबालिग और उसके परिजनों ने आपबीती सुनाई, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पीड़िता के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

बारासात पुलिस जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्बार बंद्योपाध्याय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों को गुरुवार को बारसात अदालत में पेश किया जाएगा। चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में रक्षकों के ही भक्षक बनने की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है।

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