चाइनीज मांझा के खिलाफ पुलिस अभियान जारी, 2 और गिरफ्तार

Police crackdown on Chinese manja continues, 2 more arrested
चाइनिज मांझा के साथ अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
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घोला : कल्याणी हाईवे पर हाल ही में चाइनीज मांझे से एक पूर्व सैनिक की मौत के बाद बैरकपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इसके खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस खतरनाक और प्रतिबंधित मांझे की बिक्री, खरीद और भंडारण को रोकने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक इस अभियान में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और भारी मात्रा में चाइनीज मांझा जब्त किया गया है।

अभियान की शुरुआत और पहली गिरफ्तारी

पुलिस का यह सख्त अभियान तब शुरू हुआ जब खड़दह के बंदीपुर इलाके में एक पूर्व सैनिक का गला चाइनीज मांझे से कटने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खड़दह, टीटागढ़, मोहनपुर और न्यू बैरकपुर थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस शुरुआती अभियान में पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने यह अभियान खास तौर पर कल्याणी हाईवे और उसके आसपास के इलाकों में चलाया है, जहां यह घातक मांझा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

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चाइनिज मांझा के साथ अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार

घोला में दो और गिरफ्तारियां

अभियान के अगले चरण में, शुक्रवार रात को घोला पुलिस स्टेशन की टीम ने लेलिनगढ़ इलाके में छापेमारी की। इस दौरान दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दक्षिण जोगेंद्रपुर के निवासी सुजीत बार (32) और रोहित विश्वास (65) के रूप में हुई है।

पुलिस ने सुजीत बार के पास से भारी मात्रा में चाइनीज मांझा जब्त किया। इसमें अलग-अलग रंगों की कुल 110 रीलें (प्रत्येक लगभग 1200 गज), 10 रीलें (प्रत्येक लगभग 2400 गज), 3 रीलें (प्रत्येक लगभग 6000 गज), और चाइनीज मांझा से भरी हुई 7 लटाई (प्रत्येक लगभग 2000 गज) शामिल हैं।

इसी तरह, रोहित विश्वास के पास से भी बड़ी मात्रा में चाइनीज मांझा बरामद हुआ। उसके पास से काले रंग की 5 रीलें (प्रत्येक लगभग 2900 गज), हरे, हल्के पीले और बैंगनी रंग की 3-3 रीलें (प्रत्येक लगभग 2400 गज) और लाल, भूरे और ग्रे रंग की 1-1 रील (प्रत्येक लगभग 800 गज) जब्त की गई हैं।

कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223/125 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक चाइनीज मांझा का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

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