आंगनवाड़ी की खिचड़ी में मिला जहरीले सांप का केंचुल, 20 बच्चे बीमार

नदिया में घोर लापरवाही पर अभिभावकों का भयंकर प्रदर्शन
Poisonous snake skin found in Anganwadi khichdi, 20 children fall ill
सांकेतिक फोटो REP
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नि​धि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: जिले के चापड़ा ब्लॉक के डोमपुकुर इलाके में बुधवार को एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक आंगनवाड़ी केंद्र से वितरित की गई खिचड़ी में सांप का पूरा केंचुल मिला। आरोप है कि यह जहरीली खिचड़ी खाने के कारण कम से कम 20 मासूम बच्चे बीमार पड़ गए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अभिभावकों ने आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

सदमे में अभिभावक: खाने में मिला पूरा केंचुल

यह भयावह मामला तब सामने आया जब डोमपुकुर गांव की निवासी फरज़िना खातून अपने बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र से राशन के तहत मिली खिचड़ी घर लाईं। जब वह बच्चों को प्यार से खिला रही थीं, तभी उनकी नजर खाने में पड़ी एक अजीब सी चीज पर गई। करीब से देखने पर फरज़िना खातून सदमे में आ गईं—वह सांप का पूरा केंचुल था। हालांकि, जब तक यह जहरीला पदार्थ पकड़ा गया, तब तक कई बच्चे वह खिचड़ी खा चुके थे।

एक-एक करके बच्चों में बीमारी के लक्षण दिखने लगे। सभी बीमार बच्चों में तेज पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया और कुछ बच्चों को स्थिति नियंत्रण में आने पर घर भेज दिया गया है, लेकिन बच्चों पर किसी भी विषैले प्रभाव की आशंका को लेकर अभिभावकों में गहरा डर बना हुआ है।

गुणवत्ता पर गंभीर आरोप, घोर लापरवाही उजागर

घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों अभिभावक आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गए और जोरदार हंगामा तथा प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभिभावकों का गुस्सा चरम पर था। उनका मुख्य आरोप यह है कि आंगनवाड़ी केंद्र में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता हमेशा से बेहद खराब रही है। उन्होंने दावा किया कि वे इस मामले में पहले भी कई बार केंद्र के कर्मचारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने इसे केंद्र के कर्मचारियों की घोर और आपराधिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने मांग की है कि भोजन तैयार करने और पर्यवेक्षण (Supervision) की जिम्मेदारी संभाल रहे सभी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।

स्थानीय चापड़ा ब्लॉक एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए तुरंत इस घटना का संज्ञान लिया है। विभाग ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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