उम्र के मामले में पीएम रिपोर्ट ही मुख्य आधार

मुआवजे को लेकर हाइ कोर्ट का आदेश
उम्र के मामले में पीएम रिपोर्ट ही मुख्य आधार
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध राय ने मुआवजे के एक मामले में कहा है कि उम्र के निर्धारण के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ही मुख्य आधार माना जाए। अगर उम्र के मामले में कोई पुख्ता सुबूत नहीं हो तो कोर्ट और ट्राइब्यूनल को पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ही निर्णायक मानना चाहिए। यहां इस बात को लेकर विवाद था कि मृतक को पेंशन मिल रही थी।

एडवोकेट अमृता पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जस्टिस राय का मानना है कि पीएम रिपोर्ट वैज्ञानिक आकलन और विशेषज्ञों के मत के आधार पर तैयार की जाती है। इसलिए इसे गाइड के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। सिक्किम के दुर्गा प्रसाद शर्मा की पत्नी और अन्य वारिशों की तरफ से यह मामला दायर किया गया था। दुर्गा प्रसाद शर्मा का एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। ट्राइब्यूनल ने उनकी उम्र को 60 साल मानते हुए छह लाख रुपए मुआवजा के मद में दिए जाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कहा गया था कि उन्हें पेंशन मिल रही थी। इसे चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में मामला दायर किया गया था। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी उम्र 50 साल थी। कोर्ट ने पहले दिए गए मुआवजे के अलावा और 13.80 लाख रुपए दिए जाने का आदेश दिया है।

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