पीएम मोदी का Gen-Z के साथ संवाद -युवाओं को 21वीं सदी के भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया

PM Narendra Modi
पीएम मोदी का Gen-Z के साथ संवाद
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026' के प्रतिभागियों से संवाद किया । इस दौरान उन्होंने युवाओं को 21वीं सदी के भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए विकसित भारत, सीमावर्ती गांवों, 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' और कारगिल विजय दिवस का जिक्र किया । Gen-Z के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में सामूहिकता की परंपरा रही है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के करीब 24 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए।

' युवा जमीन पर उतरकर भारत को जानें'

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026' को संबोधित करते हुए कहा, 'आज का ये कार्यक्रम बहुत विशेष है। देश भर के करीब 250 जिलों के युवा साथी इस कार्यक्रम से जुड़े हैं।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कुछ साल पहले, हमने 'मेरा युवा भारत, माय भारत' मंच बनाया था। आज इससे देश भर के करोड़ों युवा जुड़े हैं और पूरे देश में माय भारत के युवा साथी बहुत प्रशंसनीय काम कर रहे हैं। 'विकसित भारत डायलॉग' से लेकर 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' तक, आप सभी ने अपना सामर्थ्य बखूबी दिखाया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के दौरान मैंने एक विचार युवाओं के सामने रखा था। क्यों न युवा साथी वर्चुअल माध्यम से बजाय जमीन पर उतरकर भारत को जानें, भारत से जुड़ें, भारत को जीने का प्रयास करें और भारत को समझें।'

'युवा 'विकसित भारत' की मुख्य ताकत '

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मेरा हमेशा से यह पक्का मानना रहा है कि आप जैसे युवा भारतीय ही 21वीं सदी की दुनिया को आकार देंगे। यही भारत के युवाओं का असली भविष्य है। आज के युवा 'विकसित भारत' की मुख्य ताकत भी हैं और इसके सबसे बड़े लाभार्थी भी हैं। इसलिए, जब युवाओं की ताकत देश की चुनौतियों और उनके समाधानों से सीधे जुड़ती है, तो भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होगा।"

'जो उत्साह पूरे देश के युवाओं में दिखा, वो अद्भुत '

प्रधानमंत्री ने कहा, 'जो उत्साह पूरे देश के युवाओं में दिखा, वो अद्भुत है। लगभग 3 लाख युवाओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया और उनमें से 400 से अधिक युवाओं का चयन हुआ।' उन्होंने कहा, 'आप सभी एक सप्ताह तक इन दूर-सुदूर के गांवों में रहे। आपके लिए वह जगह अनजान थी, लेकिन आपने वहां के जीवन को जीने की कोशिश की। आप वहां के लोगों के साथ घुल-मिल गए। अपनी संस्कृति को वहां की संस्कृति से जोड़ा। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का इससे बेहतर उदाहरण शायद ही कोई और हो सकता है।'

अपना अनुभव भी साझा किया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज का ये कार्यक्रम मेरे लिए बहुत खास इसलिए भी है, क्योंकि जब मैं सरकार और राजनीतिक जीवन से दूर था, तब कई बार मुझे ऐसे सीमावर्ती गांवों में जाने का अवसर मिला। वहां के लोगों से मेरी जान-पहचान रही और कई गांवों के साथ मेरा संपर्क लंबे समय तक बना रहा।' उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं सरकार में आया, तब भी अवसर मिलते ही सीमावर्ती गांवों में जाता हूं। वहां जाने का अवसर कभी नहीं छोड़ता। दिवाली के दिन भी मैं सीमा पर हमारे देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के साथ त्योहार मनाता हूं। मेरी तरह आप सबका भी अनुभव बहुत शानदार रहा।'

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