

मुंबई में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से पहले पुलिस ने बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से पहले दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए एक संदिग्ध के पीएमओ का फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया गया है, जबकि उसके साथी के पास से एक gun बरामद की गई है।
गिरफ्तार शख्स के पास से मिला फर्जी पहचान पत्र
खबरों के अनुसार पकड़ा गया शख्स खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी होने का दावा कर रहा था। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम रोहन पारेख है और उसकी उम्र 24 वर्ष है। सूत्रों के मुताबिक, रोहन के पास प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र भी था। सुरक्षा जांच के दौरान उसका पहचान पत्र फर्जी पाया गया। रोहन एक अंगरक्षक के साथ घूमता था, जिसके पास बंदूक थी। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस पूरे मामले की आगे जांच कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का मुंबई दौरा
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार शाम को मुंबई में करीब 5.45 बजे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। 2020 से, जीएफएफ एक अंतरराष्ट्रीय विचार नेतृत्व मंच के रूप में उभरा है जो नीति निर्माताओं, नियामकों, केंद्रीय बैंकों, वित्तीय संस्थानों, फिनटेक कंपनियों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों, शिक्षाविदों और अन्य वैश्विक हितधारकों को वित्त के भविष्य को आकार देने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाता है।
आखिर हुआ क्या था ?
पुलिस के मुताबिक, रोहन पारेख नामक व्यक्ति एक बॉडीगार्ड के साथ इस हाई-सिक्योरिटी वेन्यू के आसपास घूम रहा था। सुरक्षा जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि रोहन पारेख एक पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय का पहचान पत्र लेकर घूम रहा था । कार्ड की जांच करने पर वह फर्जी पाया गया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि रोहन पारेख और उसका बॉडीगार्ड दोनों पुलिस हिरासत में हैं, और इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि वे कार्यक्रम परिसर के अंदर कैसे दाखिल हुए और वहां मौजूद रहने के पीछे उनका क्या मकसद था । दोनों आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। पुलिस उनके इस उच्च सुरक्षा वाले इलाके में मौजूदगी के पीछे के बड़े कारणों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है।