डोपिंग रोकथाम के लिए खिलाड़ियों के पोषण और खाद्य पूरकों की होगी जांच

एनएसएफ को खिलाड़ियों के लिए तैयार किए गए पोषण और खाद्य पूरकों की उचित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
डोपिंग रोकथाम के लिए खिलाड़ियों के पोषण और खाद्य पूरकों की होगी जांच
Published on: 

नयी दिल्ली : भारत के डोपिंग में खराब रिकार्ड को देखते हुए खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को खिलाड़ियों के लिए तैयार किए गए पोषण और खाद्य पूरकों की उचित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय के सूत्रों ने ‘भाषा’ को बताया, ‘‘यह कदम दूषित, मिलावटी या गलत लेबल वाले पोषण संबंधी सप्लीमेंट से खिलाड़ियों का प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।’’

भारत में डोपिंग की समस्या बहुत गंभीर है। पिछले तीन वर्षों से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के वार्षिक परीक्षण आंकड़ों में पॉजिटिव पाए जाने वाले नमूनों की दर के मामले में भारत शीर्ष पर रहा है।

मंत्रालय ने 11 अप्रैल 2022 के अपने पत्र का हवाला देते हुए दोहराया कि खाद्य पूरकों की खरीद, संरक्षण और वितरण की जिम्मेदारी एनएसएफ की है। एनएसएफ पोषण विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और सिफारिशों के आधार पर खिलाड़ियों के लिए ऐसे पूरक खाद्य पदार्थों की जरूरत का निर्धारण कर सकते हैं।

सूत्रों ने कहा, ‘‘मंत्रालय ने एनएसएफ को यह भी निर्देश दिये है कि वह यह सुनिश्चित करे कि खिलाड़ी जो भी खाद्य पूरक की खरीदारी करते हैं उससे पहले उसकी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) में जांच की जाए।’’

मंत्रालय ने यह भी कहा कि खाद्य पूरकों के लिए खरीद दस्तावेजों में एक विशेष शर्त शामिल की जानी चाहिए जिसमें आपूर्तिकर्ताओं को यह प्रमाण देना होगा कि आपूर्ति किए गए पूरक खाद्य पदार्थों का बैच परीक्षण किया गया है और वे विश्व डोपिंग विरोधी एजेंसी (वाडा) की नवीनतम सूची के अनुसार प्रतिबंधित पदार्थों से मुक्त हैं।

सूत्रों ने बताया, ‘‘मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है सप्लीमेंट्स की खरीद केवल उत्पादों या बैचों के उचित सत्यापन और प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही की जानी चाहिए। एनएसएफ को परीक्षण रिपोर्ट और बैच विवरण का उचित रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।’’ ।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in