‘कटाव रोकने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण की जरूरत’

अरण्य सप्ताह के दौरान हावड़ा में लगाये गये 60 हजार पौधे
Plantation Essential To Prevent Soil Erosion: Howrah DM At Aranya Saptah
फाइल फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हावड़ा जिले में गंगा, दामोदर और रूपनारायण जैसी प्रमुख नदियों के बहने के कारण कई इलाकों में कटाव की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की आवश्यकता है। यह बात हावड़ा की जिलाधिकारी पी. दीपाप्रिया ने उलूबेड़िया स्थित रवींद्र भवन में आयोजित अरण्य सप्ताह के समापन समारोह में कही। राज्य सरकार के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अरण्य सप्ताह मनाया गया। हावड़ा वन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का शुभारंभ 14 जुलाई को हावड़ा शरत सदर में हुआ और उलूबेड़िया में इसका समापन किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि अरण्य सप्ताह के दौरान पूरे जिले में लगभग 60 हजार पौधे लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नदी किनारे के क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने से भूमि कटाव को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही सुंदरवन और तटीय क्षेत्रों में भी हरित आवरण बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हावड़ा जिला चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में आता है और विशेषकर श्यामपुर क्षेत्र में हर वर्ष भारी नुकसान होता है। ऐसे में अधिक वृक्ष लगाने से प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।

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