

हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव और एलपीजी आयात में रुकावट के कारण भारत में गैस आपूर्ति को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी थी। इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव ने साफ संदेश दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को घबराने या पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और तेल कंपनियां एलपीजी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सचिव ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी अब भी समय पर होगी और नए सिलेंडर की डिलीवरी औसतन 2.5 दिन में उपभोक्ताओं तक पहुँच जाएगी। यह कदम खासतौर पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला है, ताकि वे बिना किसी डर या परेशानी के अपने सिलेंडरों का इस्तेमाल जारी रख सकें।
पिछले कुछ हफ्तों में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के समय को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया था, जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने का प्रयास किया गया था। साथ ही, कई जगहों पर डिलीवरी के समय ओटीपी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन लागू किया गया था। हालांकि, सचिव ने भरोसा दिलाया कि इन उपायों से सिलेंडर की डिलीवरी प्रभावित नहीं होगी और उपभोक्ता समय पर गैस प्राप्त कर पाएंगे।
इसके अलावा, हाल ही में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी भी हुई है। घरेलू 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत करीब 60 रुपये बढ़ी है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग 115 रुपये बढ़ गए हैं। सरकार का कहना है कि इसके बावजूद भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों की तुलना में अभी भी कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता के बावजूद घरेलू गैस वितरण को प्राथमिकता दी जा रही है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे पैनिक बुकिंग से बचें और सरकारी नियमों के अनुसार ही सिलेंडर बुकिंग करें।