ईरानः सड़कों पर लोग, वाहन फूंके

ईरान में एक बार फिर से नये सिरे से सरकार और सुप्रीम लीडर के खिलाफ आंदोलन भड़क उठा है। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के आह्वान पर देशभर में आंदोलन तेज हुए हैं।
ईरानः सड़कों पर लोग, वाहन फूंके
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दुबईः ईरान में एक बार फिर से नये सिरे से सरकार और सुप्रीम लीडर के खिलाफ आंदोलन भड़क उठा है। राजधानी तेहरान समेत देश के अन्य हिस्सों में लोग बृहस्पतिवार की रात सड़कों पर निकल आए और सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यहां तक कि लोगों को घरों की खिड़कियों से भी नारेबाजी करते हुए देखा गया। निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के आह्वान पर देशभर में आंदोलन तेज हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर कई वाहनों को जला दिया जिससे आग का गोला उठता देखा गया। शहर में कई जगहों पर इमारतों के ऊपर धुएं के गुब्बार देखे गये।

इधर इस बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने देश में जारी प्रदर्शनों पर शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि अमेरिका और इजराइल के ‘आतंकवादी एजेंटों’ ने माहौल बिगाड़ा और हिंसा भड़काई। सरकारी टीवी में सुबह आठ बजे के प्रसारण में दिखाई गई संक्षिप्त रिपोर्ट प्रदर्शनों के बारे में पहली आधिकारिक जानकारी थी।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रदर्शनों के दौरान हिंसा हुई जिससे लोग हताहत हुए, लेकिन इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।

इसमें यह भी कहा गया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘लोगों की निजी कारों, मोटरसाइकिलों, मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन, दमकल की गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई।’ईरान सरकार ने इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल बंद कर दिए हैं, जिससे उस इस्लामिक गणराज्य में रहने वालों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है।

लेकिन सुप्रीम लीडर सैयद अली होसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाले ईरान के इस्लामिक शासन के खिलाफ तेहरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। गिरती अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच बढ़ती महंगाई से नाराज ईरानी सड़कों पर उतर आए हैं और सत्ताधारी धार्मिक शासन के खिलाफ़ नारे लगा रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व वाली ईरान सरकार ने रात में प्रदर्शन तेज होने पर देश का इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल काट दिए, और देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के प्रमुख ने "आज़ादी, आज़ादी" की मांगों के बीच कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

सुप्रीम लीडर के खिलाफ नारेबाजी

कम से कम कुछ प्रदर्शनकारी निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के विरोध प्रदर्शन के आह्वान का पालन करते दिखे, जिनके गंभीर रूप से बीमार पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले ईरान से भाग गए थे। प्रदर्शनों में शाह के समर्थन में नारे भी लगाए गए, जो पहले मौत की सजा का कारण बन सकता था, लेकिन अब यह उस गुस्से को दिखाता है जो ईरान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को हवा दे रहा है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से ईरान में सरकार और सुप्रीम लीडर के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलन सरकारी दमन के कारण बीच में धीमा पड़ गया था लेकिन निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी के आह्वान पर देशभर में आंदोलन फिर से तेज हो गये। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,270 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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