

3 से 4 साल में 2.8 करोड़ यात्री का लक्ष्य
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (NSCBI) हवाई अड्डे पर लगातार बढ़ते यात्रियों के दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने क्षमता विस्तार की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। कोलकाता एयरपोर्ट पर इस हवाई अड्डे की मौजूदा कुल क्षमता 26 मिलियन यानी 2.6 करोड़ यात्रियों की है, जबकि वर्तमान में यहां से हर साल लगभग 21 मिलियन यानी 2.1 करोड़ मुसाफिर यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों की इस लगातार बढ़ती संख्या को प्रबंधित करने के लिए जल्द ही एयरपोर्ट की क्षमता में 2 मिलियन की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी। इस विस्तार से जुड़ा नया इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है और अब केवल इसके औपचारिक उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद एयरपोर्ट की कुल क्षमता 23 मिलियन से अधिक हो जाएगी।
भविष्य की योजनाएं : नया टर्मिनल बढ़ाएगा क्षमता
कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक विक्रम सिंह का आकलन है कि यात्रियों की संख्या को 28 मिलियन तक पहुंचने में अभी लगभग 3 से 4 साल का वक्त लगेगा और इस अवधि के दौरान मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर ही पैसेंजर फ्लो को सुचारु रूप से संभालने के लिए पूरी तरह पर्याप्त रहेगा। हालांकि, भविष्य की दीर्घकालिक जरूरतों और भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए एक बिल्कुल नए टर्मिनल के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। जब यह नया टर्मिनल पूरी तरह से बनकर चालू हो जाएगा, तब कोलकाता एयरपोर्ट की कुल पैसेंजर कैपेसिटी में भारी उछाल आएगी और यह बढ़कर सीधे 40 मिलियन यानी 4 करोड़ सालाना हो जाएगी। हालांकि इस नए टर्मिनल के निर्माण कार्य और उसके पूर्ण परिचालन में अभी कुछ समय लगेगा।
पूर्वी भारत के सबसे बड़े हब को मजबूती
मौजूदा समय में किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार और भविष्य के नए टर्मिनल की इन योजनाओं से आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत के इस सबसे बड़े हवाई अड्डे पर उड़ानों के सुचारु संचालन और पैसेंजर हैंडलिंग में अभूतपूर्व सहूलियत मिलेगी। इससे यात्रियों को न केवल विश्व स्तर की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बढ़ते हवाई यातायात का प्रबंधन भी बेहद आसान हो जाएगा।