सर्कस से एक बार फिर गुलजार हुआ पार्क सर्कस मैदान, लग रही भीड़

कोलकाता ही नहीं आसपास के शहरों में भी सर्कस ने बढ़ायी रौनक
Park Circus ground is once again bustling with activity thanks to the circus, and crowds are gathering.
कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में आयोजित सर्कस में करतब करते कलाकार
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर के ऐतिहासिक 'पार्क सर्कस मैदान' में इस सर्दी में एक बार फिर सुनहरी यादें ताजा हो गई हैं। लगभग 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस मैदान में सर्कस के तंबू गाड़े गए हैं, जिससे न केवल इस क्षेत्र का गौरव लौटा है, बल्कि मनोरंजन का पुराना दौर भी जीवंत हो उठा है। प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद, 8 दिसंबर 2025 से यहां अजंता सर्कस का भव्य आयोजन किया गया है, जो 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्कस प्रबंधन से जुड़े राहुल दास ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'हमें गर्व है कि हम उस जगह पर वापसी कर पाए हैं जिसके नाम पर 'पार्क सर्कस' का वजूद टिका है। 12 साल का यह इंतजार अब खत्म हुआ है।' इस बार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र केन्या और मंगोलिया जैसे देशों से आए विदेशी ट्रुप हैं। उनके हैरतअंगेज करतबों और आधुनिक लाइट-एंड-साउंड के तालमेल को देखकर खासकर बच्चे रोमांचित हो रहे हैं।

सिंथी मोड़ और बारुईपुर में भी मची धूम

सर्कस का यह खुमार सिर्फ पार्क सर्कस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर कोलकाता और आसपास के उपनगरों में भी फैला हुआ है। उत्तर कोलकाता के सिंथी मोड़ मैदान में 'डायमंड सर्कस' अपनी पारंपरिक और आधुनिक कलाबाजियों से लोगों का मनोरंजन कर रहा है। यहां प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 4 बजे और रात 7 बजे शो आयोजित किए जा रहे हैं। यह स्थल शहर के लोकप्रिय शीतकालीन आकर्षणों में से एक बन गया है जहां उत्तर कोलकाता ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों से भी लोग पहुंच रहे हैं। वहीं दक्षिण चौबीस परगना के बारुईपुर स्थित राशमाठ मैदान में 'NK रॉलेक्स सर्कस' लगा हुआ है। यहां भी दोपहर 1 बजे से रात के शो तक भारी भीड़ उमड़ रही है। रोमांचक स्टंट और पारिवारिक मनोरंजन के लिए लोग दूर-दराज से पहुंच रहे हैं।

लोगों ने कहा, स्क्रीन की जगह सामने करतबों को देख मिली खुशी

सर्दियों के इस मौसम में डिजिटल स्क्रीन से दूर परिवार के साथ लाइव मनोरंजन का यह अनुभव कोलकाता वासियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। सर्कस देखने पहुंचे लोगों का कहना है कि जो करतब हमें टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर आश्चर्यचकित करते हैं उसे सामने से देखने का अनुभव ही अलग है। वहीं जोकर के जोक्स और हरकतें बच्चों को पसंद आ रही हैं।

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