पैरा एथलीटों के छलके आंसू, खेल व्यवस्था में भ्रष्टाचार के लगाये गंभीर आरोप!

खिलाड़ियों को नहीं मिल रही सहायता, सरकार से हस्तक्षेप की अपील
Para Athletes Allege Corruption in West Bengal Sports Administration at Howrah Station
पैरा एथलीटों ने हावड़ा स्टेशन पर जताया क्षोभ
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने जा रहे पैरा एथलीटों ने शुक्रवार को हावड़ा स्टेशन पर अपनी पीड़ा सार्वजनिक करते हुए राज्य की पैरा खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किये। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण पैरा एथलीटों को उचित अवसर, सुविधाएं और आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। इस दौरान कई खिलाड़ियों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अपनी समस्याओं को मीडिया के सामने रखा। पैरा एथलीटों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण लेने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य व देश का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। खिलाड़ियों ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता लाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

राज्य कमेटी भंग कर नयी कमेटी बनाने की उठी मांग

उनका कहना था कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पैरा एथलीट एसोसिएशन के अख्तर अली ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सैकड़ों खिलाड़ी स्विमिंग, बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही। उन्होंने राज्य की वर्तमान कमेटी को भंग कर नयी कमेटी गठित करने की मांग की। इस मौके पर बंगाल बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव पीयूष शुक्ला भी खिलाड़ियों के समर्थन में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पैरा एथलीट राज्य और देश का गौरव बढ़ाते हैं, इसलिए उन्हें हर संभव सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की। खिलाड़ियों ने उम्मीद जतायी कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचेगी और जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी।

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