अंडमान क्षेत्र में एक के बाद एक मध्यम तीव्रता के भूकंपों से दहशत

भूकंपों की श्रृंखला : वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ी
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन ज्वालामुखी की तस्वीर
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन ज्वालामुखी की तस्वीर
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान अंडमान सागर और उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र के आसपास मध्यम तीव्रता के कई भूकंप दर्ज किए गए हैं। इन झटकों का असर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में महसूस किया गया। भूकंपों की तीव्रता 4.3 से 5.4 के बीच दर्ज की गई, जो 25 अक्टूबर से 9 नवंबर के बीच आए, हालांकि किसी भी प्रकार की क्षति या किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। सबसे शक्तिशाली भूकंप 9 नवंबर को दोपहर 12:06:28 बजे आया जिसकी तीव्रता 5.4 मापी गई। इसका केंद्र 12.49 डिग्री उत्तर अक्षांश और 93.83 डिग्री पूर्व देशांतर पर, अंडमान सागर में 90 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था, जो डिगलीपुर से लगभग 126 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। झटके आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। इससे पहले 2 नवंबर की सुबह 2:30:09 बजे उत्तरी सुमात्रा, इंडोनेशिया में 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र 3.93 डिग्री उत्तर अक्षांश और 96.04 डिग्री पूर्व देशांतर पर, 60 किलोमीटर की गहराई में था, जो अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कैंपबेल बे से लगभग 415 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। एक और झटका 28 अक्टूबर को सुबह 5:05:15 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 5.1 थी। यह भी उत्तरी सुमात्रा, इंडोनेशिया के पास आया, जिसका केंद्र 4.94 डिग्री उत्तर अक्षांश और 96.10 डिग्री पूर्व देशांतर पर 10 किलोमीटर की गहराई में था, जो कैंपबेल बे से लगभग 334 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। इस श्रृंखला की शुरुआत 25 अक्टूबर की सुबह 10:26:27 बजे 4.3 तीव्रता के भूकंप से हुई थी, जो इंडोनेशिया के पास 4.39 डिग्री उत्तर अक्षांश और 96.48 डिग्री पूर्व देशांतर पर 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया था, और कैंपबेल बे से लगभग 407 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। इन भूकंपों के बाद किसी भी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। यह घटनाक्रम अंडमान–निकोबार–सुमात्रा पट्टी की निरंतर भूकंपीय गतिविधि को दर्शाता है। अंडमान और निकोबार प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है। निवासियों ने झटकों के दौरान हल्की कंपकंपी महसूस की, लेकिन किसी भी प्रकार की संरचनात्मक क्षति की सूचना नहीं है। ये लगातार आए मध्यम तीव्रता के भूकंप इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर करते हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अंडमान का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन ज्वालामुखी वर्तमान में बहुत सक्रिय है और पिछले कई महीनों से लगातार लावा और गैस उगल रहा है और बाराटांग का मड (कीचड़) ज्वालामुखी भी अत्यधिक सक्रियता दिखा रहा है।


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