

रावलकोट (पीओके): पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन 24वें दिन भी जारी रहा। रावलकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित प्रदर्शन के दौरान अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कश्मीरियों के हाथों में हथियार खुद पाकिस्तानी सेना ने दिए थे, लेकिन अब उन्हीं लोगों को आतंकी घोषित किया जा रहा है।
अमान खान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अवामी एक्शन कमेटी और उससे जुड़े करीब 150 लोगों को आतंकवादी घोषित किया है, जबकि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मानवाधिकार संगठनों और मीडिया को गवाह बनाकर कहता हूं कि कश्मीरियों को हथियार पाकिस्तान की सेना ने दिए थे और आज वही हमें आतंकी बता रही है।"
अमान खान ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष 5 फरवरी को रावलकोट में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थकों ने खुलेआम तलवारों और एके-47 के साथ रैली निकाली थी और भारत के खिलाफ नारे लगाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने पाकिस्तान सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान पीओके को अपना इलाका समझने की भूल कर रहा है। अमान खान ने कहा, "न तो हम पाकिस्तान के गुलाम हैं, न हमारे पूर्वज थे और न आने वाली पीढ़ियां होंगी।"
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार से बातचीत कर उनकी मांगें मानने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन को दबाने की कोशिश जारी रही तो पूरे पीओके से हजारों लोग मुजफ्फराबाद की ओर कूच करेंगे। उनका कहना था कि तब आंदोलन केवल मांगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान से पीओके खाली कराने की मांग भी उठेगी।