मानवाधिकार उल्लंघन छिपाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान : भारत

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, PoK में प्रदर्शन, हिंसा और दमन को लेकर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग तेज
मानवाधिकार उल्लंघन छिपाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान : भारत
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नई दिल्ली : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच भारत ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए भ्रामक सूचनाओं और फर्जी प्रचार का सहारा ले रहा है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “PoK में पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर खबरें सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है। हम लगातार यह देख रहे हैं कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने के लिए दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहा है।”

PoK में प्रदर्शन और तनाव जारी

PoK के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों विरोध प्रदर्शन तेज हैं। स्थानीय संगठनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कई स्थानों पर आंदोलन और बंद का आह्वान किया गया है।

कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि मुजफ्फराबाद, रावलकोट, मीरपुर, पूंछ और नीलम घाटी सहित कई क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बाधित की गई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग

जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और इस पर वैश्विक स्तर पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

बुरफत ने भारत, यूरोप, ब्रिटेन, मध्य पूर्व, अफ्रीका और अन्य देशों से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आग्रह किया है।

12 आरक्षित सीटों को लेकर भी विवाद

PoK में चल रहे आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें भी हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और अन्य स्थानीय संगठन इन सीटों की व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर बढ़ती नाराजगी ने क्षेत्र में असंतोष को और बढ़ाया है। वहीं भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान से मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने की अपेक्षा जताई है।

PoK की मौजूदा स्थिति पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है तथा आने वाले दिनों में घटनाक्रम और महत्वपूर्ण हो सकता है।

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