

इस्लामाबाद/नई दिल्ली : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में तथाकथित विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को मतदान जारी है। मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलेगा।
चुनाव प्रक्रिया के बीच भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस क्षेत्र पर पाकिस्तान ने अवैध तथा बलपूर्वक कब्जा कर रखा है।
भारत ने अपने पुराने और स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्रशासित प्रदेश, जिसमें तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, 1947 में हुए वैध और अपरिवर्तनीय विलय के आधार पर भारत का अभिन्न अंग है।
अधिकारियों के अनुसार, पूरे गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में कुल 1,391 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 488 केंद्रों को सामान्य, 349 को संवेदनशील और 551 को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा में कुल 33 सीटें हैं। इनमें से 24 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और पेशेवरों के लिए आरक्षित हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र में अतीत में अक्सर वही दल चुनाव जीतता रहा है, जिसकी सरकार इस्लामाबाद में सत्ता में होती है।
भारत लंबे समय से गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान द्वारा कराए जाने वाले चुनावों और प्रशासनिक गतिविधियों का विरोध करता रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव का अधिकार नहीं है, जो कानूनी रूप से भारत का हिस्सा हैं।
गिलगित-बाल्टिस्तान में जारी मतदान पर अब सभी की नजरें परिणामों पर टिकी हैं, जबकि भारत ने एक बार फिर अपने संप्रभु अधिकारों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।