

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीट पर अकेले चुनाव लड़ने संबंधी कांग्रेस की घोषणा पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि राज्य नेतृत्व जमीनी स्थिति को बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजनीतिक परिस्थिति से भली-भांति परिचित है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अंतिम निर्णय पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता।” कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने हाल में घोषणा की थी कि पार्टी आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और पिछले चुनावों की तरह वामदलों के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हाल में आये उच्चतम न्यायालय के आदेश में पश्चिम बंगाल सरकार की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। चिदंबरम ने कहा कि इन मुद्दों के निपटारे के लिए शीर्ष अदालत को निर्वाचन आयोग को “विशिष्ट निर्देश” देने की आवश्यकता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुए एसआईआर की आलोचना करते हुए इसे “लोकतांत्रिक भागीदारी को कमजोर करने” और “राज्य के चुनावी संतुलन को बिगाड़ने का प्रयास” बताया। चिदंबरम ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि उच्चतम न्यायालय आगे भी निर्वाचन आयोग के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेगा। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, “ उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती एसआईआर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की थी। अदालत ने यह कहते हुए आदेश पारित किया कि वह एसआईआर प्रक्रिया में किसी ‘बाधा’ की अनुमति नहीं देगी। प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा बढ़ा दी गई है लेकिन इस आदेश से पश्चिम बंगाल सरकार की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ।’’ निर्वाचन आयोग को उन शिकायतों पर कार्रवाई के लिए विशेष आदेश या निर्देश देने की आवश्यकता है।