

मुंबई : महाराष्ट्र में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य के सभी 36 जिलों से 31 अगस्त से 4 अक्टूबर के बीच कुल 6,24,054 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक आवेदन पुणे जिले से आए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, पुणे से 56,605 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या उसमें आवश्यक सुधार के लिए आवेदन किया है।
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 31 अगस्त को किया गया था। राज्य में कुल 9,78,54,049 पंजीकृत मतदाताओं में से 7,71,65,562 मतदाताओं को मसौदा सूची में शामिल किया गया।
वहीं, 2,06,88,487 मतदाताओं, यानी कुल मतदाताओं के 21.14 प्रतिशत, को ASDDO श्रेणी में रखा गया। इस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव वाले तथा अन्य कारणों से संबंधित मतदाता शामिल हैं।
मसौदा सूची में नाम शामिल नहीं होने से वंचित मतदाताओं को दोबारा पंजीकरण का अवसर देने के लिए राज्य निर्वाचन तंत्र की ओर से मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए गए।
इन शिविरों के माध्यम से लोगों को नए सिरे से आवेदन करने, सूची में नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने और मतदाता विवरण में सुधार कराने की सुविधा दी गई। इसके अलावा बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को भी लोगों की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं।
31 अगस्त से 4 अक्टूबर तक मिले कुल 6,24,054 आवेदनों में सबसे बड़ी संख्या नए मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित है।
फॉर्म-6: 6,05,097 आवेदन — नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए
फॉर्म-7: 11,251 आवेदन — नाम शामिल करने पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए
फॉर्म-8: 7,706 आवेदन — मतदाता विवरण में सुधार या बदलाव के लिए
आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्राप्त आवेदनों में सबसे बड़ा हिस्सा नए मतदाताओं के पंजीकरण का है।
मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है। अब पात्र मतदाता 12 अक्टूबर तक अपने दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान छूटे हुए मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, मौजूदा सूची में गलत या आपत्तिजनक प्रविष्टियों को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
प्राप्त नोटिसों, दावों और आपत्तियों की जांच के बाद उनका निपटारा 12 नवंबर तक किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन अधिकारी दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आवेदनों की जांच करेंगे।
जहां आवश्यक होगा, वहां मतदाताओं से अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी भी मांगी जा सकती है।
पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि SIR के दौरान प्राप्त दावों, आपत्तियों और संशोधन आवेदनों के आधार पर मतदाता सूची में कितने बदलाव किए गए।
निर्वाचन विभाग ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को व्हॉट्सऐप के माध्यम से दस्तावेज स्वीकार करने के निर्देश भी दिए हैं। जरूरत पड़ने पर BLO को मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन करने के लिए भी कहा गया है।
इससे उन मतदाताओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है या जिनके दस्तावेजों के सत्यापन के लिए भौतिक जांच जरूरी होगी।
जिलावार आंकड़ों में पुणे 56,605 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। बड़ी संख्या में आवेदन मिलना इस बात का संकेत है कि मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने नाम और मतदाता विवरण की जांच कर रहे हैं।
अब चुनावी अधिकारियों के सामने इन आवेदनों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित समयसीमा के भीतर दावों एवं आपत्तियों का निपटारा करने की चुनौती है।