जी.बी.पंत अस्पताल में एनेस्थेटिक दवाओं की किल्लत

जी.बी.पंत अस्पताल में एनेस्थेटिक दवाओं की किल्लत
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के जी.बी.पंत अस्पताल में एनेस्थेटिक दवाओं की गंभीर कमी को लेकर हिंदू राष्ट्र शक्ति अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के राज्य युवा अध्यक्ष अंग्शुमन रॉय ने उपराज्यपाल को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने अस्पताल की दवा प्रबंधन व्यवस्था तथा समग्र स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जतायी है। हाल ही खुलासा हुआ है कि अस्पताल में आवश्यक एनेस्थेटिक दवाएँ पूरी तरह समाप्त हो गई हैं और केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए सीमित मात्रा उपलब्ध हैं, जिसके चलते सभी सर्जरियाँ अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई हैं। पत्र में कहा गया है कि यह स्थिति अस्पताल प्रशासन और दवा खरीद प्रक्रिया में गंभीर चूक को दर्शाती है, जिससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है बल्कि द्वीपसमूह के प्रमुख सरकारी अस्पताल पर जनता का भरोसा भी कम हो रहा है। जी.बी. पंत अस्पताल अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र है और यहाँ इस तरह की बाधा गहरी व्यवस्थागत समस्या की ओर इशारा करती है। पत्र में जेम पोर्टल के माध्यम से चिकित्सा सामग्री की खरीद प्रक्रिया को अत्यंत अप्रभावी बताया गया है और तत्काल इसे बंद कर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक प्रभावी विकल्प अपनाने की मांग की गयी है। यह भी कहा गया है कि जिन मरीजों का इलाज जी.बी. पंत अस्पताल में नहीं हो पा रहा है, उन्हें निजी अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जाए और इसकी पूर्ण लागत प्रशासन या अस्पताल वहन करे। पत्र में सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं जिनमें दवा-घोटाले की जांच, दवाओं की तत्काल खरीद, दवा आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करना, जेम पर खरीद को बंद करना, निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार, जी.बी. पंत अस्पताल की सेवाओं में सुधार और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने हेतु कड़े प्रशासनिक कदम शामिल हैं।


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