दूषित सलाइन के मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश

एक्टिंग चीफ जस्टिस ने कहा यह गंभीर मामला है
दूषित सलाइन के मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दूषित सलाइन के इस्तेमाल के मामले में हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है। यह सलाइन गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है। आरोप है कि इसमें पॉलीमर एथिलीन मिले होने के कारण यह बेहद खतरनाक हो गया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस तपव्रत चक्रवर्ती और अतरूप बनर्जी के डिवीजन बेंच ने इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

एक्टिंग चीफजस्टिस ने कहा है कि इस मामले में ड्रग कंट्रोलर से भी रिपोर्ट लिया जाए। केंद्र और राज्य सरकार दोनों को ही रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ेगी। यहां उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले दूषित सलाइन के प्रयोग के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी और कुछ गर्भवती महिलाएं खतरनाक रूप से बीमार हो गई थी। इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से पैरवी करते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल धीरज त्रिवेदी ने कहा कि इससे पहले भी दो पीआईएल दायर की जा चुकी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस ने जानना चाहा कि उनके मामले में क्या आदेश हुआ था। इस मामले में संबंधित कंपनी के एडवोकेट ने कहा कि उन्होंने साढे पांच करोड़ सलाइन की आपूर्ति पश्चिम बंगाल सरकार को किया है। दूषित सलाइन से एक मौत के सिलसिले में कहा कि यह मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई थी। उनका यह भी दावा था कि तीन सप्ताह पहले केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से उनकी कंपनी का इंस्पेक्शन किया गया था। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से रिपोर्ट दाखिल की गई है जिसे चीफ सेक्रेटरी ने अफॉर्म किया है। उन्होंने कि आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण इस तरह की पीआईएल दायर की गई है।

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