Oracle में छंटनी से हड़कंप, सरकार से दखल की मांग

Oracle ने वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू की है, जिसमें भारत भी प्रभावित हुआ है।
फाइल फोटो.
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नई दिल्ली: अमेरिकी टेक कंपनी Oracle में बड़े पैमाने पर छंटनी का मामला अब भारत में भी गंभीर मुद्दा बन गया है। हजारों कर्मचारियों की नौकरी जाने के बाद यह विवाद भारत सरकार तक पहुंच गया है और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle ने वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू की है, जिसमें भारत भी प्रभावित हुआ है। अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है, जबकि भारत में लगभग 10,000–12,000 नौकरियां प्रभावित हुई हैं।

कंपनी ने अचानक ईमेल भेजकर कर्मचारियों को नौकरी खत्म होने की जानकारी दी और कई जगह सिस्टम एक्सेस तुरंत बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कंपनी के AI डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश और लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा है।

विवाद क्यों बढ़ा

छंटनी की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बिना पर्याप्त नोटिस और बातचीत के कर्मचारियों को हटाया गया। ऑल इंडिया आईटी एंड आईटीईएस एम्प्लॉइज यूनियन (AIITEU) ने इसे अवैध छंटनी बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सुबह-सुबह ईमेल से नौकरी खत्म होने की सूचना मिली और तुरंत कंपनी सिस्टम से बाहर कर दिया गया, जिससे असंतोष बढ़ा।

सांसद ने क्या कहा

सीपीआई (ML) लिबरेशन के सांसद राजाराम सिंह ने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है और सवाल उठाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद उनके परिवारों की पालन-पोषण की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? 

लोकसभा सांसदों और कर्मचारी संगठनों ने कहा कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और सरकार को जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।

जांच की मांग के प्रमुख बिंदु:

  • छंटनी की प्रक्रिया की जांच हो

  • श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए

  • प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा मिले

  • आईटी सेक्टर में नौकरी सुरक्षा पर स्पष्ट नीति बने

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अमेरिका में मेयर बनने की रेस में एक और भारतवंशी

सरकार का क्या रुख है

अब तक केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन श्रम मंत्रालय तक शिकायत पहुंचने के बाद मामले पर नजर रखी जा रही है। सरकार के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं:

  1. आईटी सेक्टर में रोजगार सुरक्षा बनाए रखना

  2. विदेशी कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छंटनी के नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सरकार कंपनी से जवाब मांग सकती है या श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

क्यों अहम है यह मामला

Oracle भारत में बड़ा टेक नियोक्ता है और यहां हजारों इंजीनियर व आईटी पेशेवर काम करते हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर छंटनी से आईटी सेक्टर में असुरक्षा बढ़ सकती है। AI के कारण नौकरियों पर खतरे की बहस तेज हो सकती है। और, सरकार पर रोजगार सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ सकता है

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