

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 2 जनवरी 2025 को वार्ड नंबर 14 में एक भव्य जनसभा आयोजित कर भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा लाए गए जी-राम-जी विधेयक का कड़ा विरोध किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस विधेयक के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जो ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए जीवनरेखा माना जाता है।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रंगलाल हलदर, सिटी कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद जुबैर, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष एम. ए. साजिद, ओबीसी चेयरमैन आर. के. राज और इंटक महासचिव मोहम्मद रफी ने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एमजीएनआरईजीए को समाप्त किया गया तो अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में रोजगार, आजीविका सुरक्षा और ग्रामीण विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि जी-राम-जी विधेयक केवल रोजगार योजना को समाप्त करने का प्रयास नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
जी-राम-जी विधेयक के विरोध के साथ-साथ सभा में क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं को उचित मंचों पर लगातार उठाया जाएगा और लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेगा।
सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और उन्होंने विधेयक के विरोध में अपनी सहमति जताई। नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।